बिलासपुर। साधु वासवानी सेंटर बिलासपुर इकाई द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रथम साधु वासवानी सत्संग हॉल एवं गुरुकुल का शुभारंभ राम वैली कॉलोनी में किया गया। इस अवसर पर संत सांई लाल दास जी, डॉ. मंजू निचानी जी
(डायरेक्टर, साधु वासवानी इंस्टीट्यूट, पुणे), श्री संजय अग्रवाल, योग आयोग के अध्यक्ष, श्री धरमलाल कौशिक, विधायक, बिल्हा श्री भूपेंद्र सवन्नी तथा बिलासपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती पूजा विधानी
श्रीमती बरखा भाभी जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दादा साधु वासवानी एवं दादा जे.पी. आसवानी जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए तथा भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से कृष्णा दीदी का शुभ संदेश उपस्थित श्रद्धालुओं को सुनाया गया। उन्होंने साधु वासवानी सेंटर बिलासपुर द्वारा सत्संग हॉल एवं गुरुकुल के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलवानी परिवार सहित सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल सत्संग हॉल नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा, संस्कार और सदमार्ग की दिशा दिखाने का माध्यम बनेगा।
कृष्णा दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सत्संग से दो महत्वपूर्ण खजाने मिलते हैं—विश्वास और ध्येय। उन्होंने कहा कि “नया भारत राज्यसभा और लोकसभा में नहीं, बल्कि स्कूल और घर में बनेगा।” गुरुकुल में आने वाले बच्चों को शिक्षा और संस्कार के साथ अपनी संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा। वहीं घर में माता-पिता से मिलने वाले संस्कार उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाएंगे। जब बच्चे संस्कार और सद्मार्ग पर आगे बढ़ेंगे, तभी नए भारत का निर्माण होगा।
पुणे से आईं डॉ. मंजू निचानी जी ने कहा कि संत किसी एक व्यक्ति या समुदाय के नहीं होते, बल्कि सभी के होते हैं। उन्होंने संतों को धर्म और पंथ की सीमाओं में न बांटने का संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार जल सभी के लिए समान है, उसी प्रकार संतों का प्रेम और आशीर्वाद भी सभी के लिए समान होता है। उन्होंने कहा कि दादा साधु वासवानी जी का प्रेम इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति भी था।
संत श्री सांई लाल दास जी ने कलवानी परिवार को बधाई देते हुए विशेष रूप से सपना कलवानी के उस सपने के पूरा होने की सराहना की, जिसके माध्यम से इस सुंदर सत्संग हॉल एवं गुरुकुल का निर्माण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता चाहते हैं कि उनकी संतान राम और कृष्ण जैसे संस्कारवान बने, तो पहले माता-पिता को भी अपने जीवन में अच्छे संस्कार और आदर्श अपनाने होंगे। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए माता-पिता को स्वयं भी उसी दिशा में आचरण करना होगा।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने सत्संग हॉल एवं गुरुकुल का अवलोकन किया और कलवानी परिवार को शुभकामनाएं दीं। अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत-सत्कार कलवानी परिवार एवं पंजवानी परिवार द्वारा किया गया। देवेंद्र गोस्वामी जी ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, विभिन्न पंचायतों एवं समितियों के अध्यक्ष-पदाधिकारी, महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिलासपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में साधु वासवानी सेंटर बिलासपुर के सदस्यों एवं सेवादारों का विशेष योगदान रहा। किरण पाल चावला विनोद मेघानी डॉक्टर टेकचंदानी, श्री चंद टेहलियानी , रूपचंद दोदानी,
रामचंद्र प्रेमानी सिए खत्री सिए बजाज डॉ रमेश कलवानी,सपना सुरेश राजेश नानक चित्रा पंजवानी प्राची भक्तानी प्राची सजनानी, अंजलि रोचवानी महेश विधानी रोहित सिमी भक्तानी डॉक्टर सुरेश आरती गिद्ध वानी, डॉक्टर विजय ,निर्मला अग्रवाल, डॉक्टर रौनक कलवानी अंकिता कलवानी डॉक्टर अभिषेक कलवानी एकता कलवानी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे
हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा भी इस महत्वपूर्ण आयोजन को कवर करने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और पूरे कार्यक्रम की जानकारी संकलित की
भवदीय
विजय दुसेजा
