
– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। जिले में 10 सालों से चल रहे आधार सेंटरों को यूआईडीएआई की गाइडलाइंस और चिप्स की मनमानी के चलते बंद कर दिया गया है। इससे जिले के 75 से अधिक च्वाइस सेंटरों में आधार पंजीयन और अपडेशन का काम पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। हालात यह हैं कि अब मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए भी लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है, और कई बार उन्हें 2 दिनों तक शहर में आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले 20 दिनों से शहर में पोस्ट ऑफिस और जोन कार्यालय सहित कुछ ही सरकारी कार्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि 75 से अधिक च्वाइस सेंटरों में आधार का काम बंद है। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के बाद च्वाइस सेंटर में आधार से जुड़ी कोई सेवा नहीं मिल रही है। शनिवार को पोस्ट ऑफिस में लोगों का तांता लगा रहा, जहां लोग दूर-दराज के गांवों से आए थे और जिन्हें दो दिनों से कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बृहस्पतिवार को च्वाइस सेंटरों में आधार से जुड़ी सभी सेवाओं को बंद कर चिप्स ने लोगों को बहुत परेशानी में डाल दिया है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ, चिप्स की मनमानी से ऑपरेटर भी त्रस्त हो चुके हैं। लगातार पेनल्टी, सालों से कमीशन का भुगतान नहीं होने और एटीएसएमपी आईडी बंद होने से ऑपरेटरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि अधिकांश ऑपरेटर 50 हजार रुपए का डिपाजिट जमा कर चुके हैं। आम जनता का दर्द बयां करते हुए लोरमी के राम कुमार मेश्राम ने बताया कि वे 20 किलोमीटर दूर से आए हैं, लेकिन टोकन की संख्या सीमित होने और भीड़ बढ़ने के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। सुबह 8 बजे लाइन में खड़े होने के बाद भी कई लोगों को 20 किमी दूर से आने के बावजूद निराश लौटना पड़ रहा है। वहीं, करके के रहने वाले शारीरिक रूप से विकलांग शिवलाल यादव ने शिकायत की कि वे अपने बच्चों को आधार कार्ड बनवाने लाए थे, लेकिन सुबह 8 बजे ऑपरेटर ने फॉर्म देकर अंत में मना कर दिया। जिले के दिनों से चक्कर काटे जा रहे हैं, जिससे भारी पीड़ा हो रही है। राजकिशोर नगर के दिनेश कुशवाहा का कहना है कि च्वाइस सेंटरों में आधार की सुविधा मिलना लोगों की जरूरत है और इसे अचानक बंद करना गलत है, जिससे आम जनता ही प्रताड़ित हो रही है।
