– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। नगर निगम द्वारा इमलापारा में बनाए गए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया एक बार फिर नए नियमों के साथ शुरू होने जा रही है। इस बार चबूतरे वाले दुकानदारों को नए कॉम्प्लेक्स में दुकान नहीं दी जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि चबूतरों को हटाकर उनके स्थान पर नई व्यवस्था के तहत दुकानें बनाई जाएंगी और उनका आवंटन नए नियमों के आधार पर किया जाएगा। इससे लंबे समय से दुकान की उम्मीद लगाए बैठे छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
चबूतरे वाले दुकानदारों को नहीं मिलेगा सीधा आवंटन
निगम के मुताबिक, इमलापारा क्षेत्र में जिन लोगों की दुकानें चबूतरों पर थीं, उन्हें नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में सीधे दुकान आवंटित नहीं की जाएगी। दुकानों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और आवंटन निर्धारित नियम एवं शर्तों के अनुसार होगा।बताया गया है कि पूर्व में चबूतरों पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए अलग व्यवस्था की चर्चा थी, लेकिन अब नए नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे प्रभावित व्यापारियों में असमंजस की स्थिति है।
किराया 18 हजार से 80 हजार रुपये तक
नए कॉम्प्लेक्स में दुकानों का किराया भी दुकान के आकार और स्थान के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किराया करीब 18 हजार रुपये से लेकर 80 हजार रुपये तक हो सकता है। ऐसे में छोटे दुकानदारों के सामने नई दुकान लेने के साथ-साथ बढ़े हुए किराये का बोझ भी चुनौती बन सकता है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चबूतरों पर कारोबार कर रहे छोटे दुकानदारों को प्राथमिकता और उचित राहत मिलनी चाहिए, ताकि वे नए व्यावसायिक परिसर में अपना कारोबार जारी रख सकें।
लीज की शर्तों के अनुरूप होगा आवंटन
निगम अधिकारियों के अनुसार दुकानों का आवंटन लीज की निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जाएगा। इसके लिए नियम और प्रक्रिया तय की जा रही है। निगम की योजना है कि कॉम्प्लेक्स में व्यवस्थित तरीके से दुकानों का आवंटन हो और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
व्यापारियों में नाराजगी बोले, छोटे दुकानदारों का भी ध्यान रखे निगम
इमलापारा कॉम्प्लेक्स में दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से वे इसी क्षेत्र में व्यवसाय कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। यदि उन्हें नए कॉम्प्लेक्स में दुकान नहीं मिलती अथवा किराया उनकी क्षमता से अधिक रखा जाता है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। व्यापारियों ने निगम से मांग की है कि नए नियम बनाते समय पुराने और छोटे दुकानदारों के हितों कोआबंटित की जाएंगी दुकानें भी ध्यान में रखा जाए तथा आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। इमलीपारा में बने व्यावसायिक काम्प्लेक्स में व्यापारियों को दुकान आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है। व्यापारियों के साथ बैठक हुई है जिन लोगों की दुकान चबूतरों में थी उन्हें दुकान वहीं दी जाती है। के आधार पर व्यापारियों को दुकानें आबंटित की जाएंगी।
– खजांची कुम्हार,
– अपर आयुक्त,
– नगर निगम बिलासपुर
