– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। तेज गति से बह रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर डैम के बहाव वाले हिस्से में उतरकर नहा रहे हैं। प्रस्तुत तस्वीर में साफ दिख रहा है कि कई लोग पानी के बीच मौजूद हैं और कुछ लोग तो डैम से गिरती तेज जलधारा के ठीक नीचे खड़े होकर नहा रहे हैं। यह गंभीर लापरवाही कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बारिश के मौसम में कोरी डैम में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना डैम के बहाव वाले हिस्से में उतरकर नहाते नजर आ रहे हैं।
बहाव वाले हिस्से में जाने से बचना ही सुरक्षित विकल्प
सामने आई तस्वीर में कई लोग पानी के बीच मौजूद हैं, जबकि कुछ लोग डैम से गिरती तेज जलधारा के ठीक नीचे खड़े होकर नहाते दिखाई दे रहे हैं। यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बरसात के दिनों में डैम और जलाशयों में पानी का स्तर लगातार बदलता रहता है। कई बार ऊपर से पानी की आवक बढ़ने पर बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे पानी के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाता है। इसके अलावा, डैम के आसपास पत्थरों और जमीन पर फिसलन बढ़ जाने से भी दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। इन तमाम खतरों के बावजूद कुछ लोग जोखिम भरी जगहों पर पहुंचकर नहाने और मौज-मस्ती करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
प्रशासन की समझाइश और सख्ती बेअसर
कोरी डैम क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा समय-समय पर लोगों को समझाइश दी जाती है। बारिश के दौरान खतरनाक स्थानों पर नहीं जाने और तेज बहाव से दूर रहने की चेतावनी भी दी जाती है। कई मौकों पर प्रशासन की ओर से सख्ती करते हुए लोगों को ऐसे स्थानों से हटाया भी जाता है। इसके बावजूद लोग चेतावनी को नजरअंदाज कर पानी में उतर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान कोरी डैम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को लगातार जागरूक करने की जरूरत है। लोगों को भी समझना होगा कि कुछ देर के मनोरंजन के लिए अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालना भारी पड़ सकता है। जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति में डैम के नीचे या बहाव वाले हिस्से में जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
