– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। नंबर प्लेट पर टेप चिपकाकर, कागज या स्टीकर लगाकर, मैग्नेट-कपड़े से नंबर ढंककर अथवा प्लेट को मोड़कर वाहन की पहचान छिपाने वालों पर बिलासपुर यातायात पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। विशेष अभियान के तहत अब तक 724 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर करीब 7.24 लाख रुपये का चालान शुल्क जारी किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार कुछ मामलों को न्यायालय में पेश कर आर्थिक दंड कराया गया, वहीं गंभीर मामलों में स्थानीय पुलिस के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को जेल भी भेजा गया है।
नंबर प्लेट छिपाने के नए-नए तरीके, पुलिस की नजर से बचना मुश्किल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में खास तौर पर उन वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनकी नंबर प्लेट जानबूझकर इस तरह ढंकी या बदली गई है, जिससे वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाए। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई से बचने के लिए वाहन चालक नंबर प्लेट पर अलग-अलग तरह की चालाकियां करते हैं। कोई नंबर के ऊपर टेप या कागज चिपका देता है तो कोई मैग्नेट, स्टीकर, कपड़ा अथवा पॉलीथिन का इस्तेमाल करता है। कुछ वाहन चालक नंबरों पर पेंट कर उन्हें अस्पष्ट कर देते हैं, जबकि कई प्लेट को मोड़कर नंबर छिपाने की कोशिश करते हैं। यातायात पुलिस ने ऐसे सभी तरीकों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
चौक-चौराहों पर विशेष निगरानी
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए शहर के अलग-अलग यातायात पॉइंट और चेकिंग स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। बिना नंबर प्लेट, अस्पष्ट अथवा छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट वाले वाहन दिखाई देने पर संबंधित टीम और स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था की गई है। पुलिस के अनुसार यदि कोई वाहन तेज रफ्तार के कारण एक स्थान पर तत्काल नहीं रोका जा सके तो उसकी सूचना आगे के यातायात पॉइंट और चौक-चौराहों पर दी जाएगी, ताकि वाहन को आगे रोककर कार्रवाई की जा सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य नंबर प्लेट छिपाकर कार्रवाई से बच निकलने की कोशिश करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
केवल चालान से बचने का मामला नहीं, अपराध नियंत्रण से भी जुड़ा
यातायात पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट से छेड़छाड़ को केवल चालान से बचने की कोशिश मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्पष्ट और निर्धारित नंबर प्लेट वाहन की पहचान का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में पहचान छिपाने वाले वाहनों की निगरानी सड़क सुरक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पुलिस के मुताबिक आपराधिक घटनाओं में ऐसे वाहनों के इस्तेमाल के मामले सामने आते रहे हैं, जिनकी पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को ढंका या बदला गया था। चोरी के वाहनों को भी नंबर प्लेट पर टेप या अन्य सामग्री लगाकर चलाने के मामले सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
724 कार्रवाई के बाद भी अभियान जारी
अब तक 724 वाहनों पर कार्रवाई और 7.24 लाख रुपये के चालान के बावजूद यातायात पुलिस ने अभियान को समाप्त नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट को छिपाने, मोड़ने, बदलने या अस्पष्ट करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहन की नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप स्पष्ट रूप से लगाएं और उस पर किसी भी तरह की सामग्री चिपकाकर अथवा प्लेट के साथ छेड़छाड़ कर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश न करें।
पुलिस का स्पष्ट संदेश है – वाहन की नंबर प्लेट छिपाई या उससे छेड़छाड़ की तो कार्रवाई तय है।
