सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। चांटीडीह वार्ड क्रमांक 55 के डबरीपारा स्थित डबरी तालाब में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तालाब के जलक्षेत्र को ही कम किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर कराए जा रहे इस काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सड़क के विस्तार के लिए क्या तालाब की जमीन और जलक्षेत्र को पाटना ही एकमात्र विकल्प है? जानकारी के अनुसार तालाब के किनारे से मिट्टी और मलबा डालकर करीब 10 फीट तक तालाब के हिस्से को पाटा जा रहा है।
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर डबरी तालाब का दायरा घटाने का आरोप
इसके लिए तालाब के सड़क किनारे से अंदर की ओर मिट्टी-मलबा डालते हुए रास्ते जैसी पट्टी बनाई जा रही है। इससे तालाब का वास्तविक जलक्षेत्र लगातार सिकुड़ता दिखाई दे रहा है।
विकास या जलक्षेत्र की कीमत पर विस्तार?
डबरी तालाब क्षेत्र वार्ड क्रमांक 55 परमेश्वरी वार्ड में स्थित है। शहर में जहां एक ओर तालाबों के संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर यदि किसी तालाब का हिस्सा ही कम किया जाता है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इसे किस तरह का विकास और सौंदर्यीकरण माना जाए। तालाब केवल पानी जमा करने का स्थान नहीं होते, बल्कि वे वर्षाजल के संचयन, भूजल स्तर को बनाए रखने और आसपास के पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में तालाब के जलक्षेत्र में मिट्टी-मलबा डालकर उसका आकार छोटा किया जाना भविष्य में जलभराव और जलसंकट जैसी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है।
प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है तो उसके लिए वैकल्पिक तकनीकी विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। तालाब के मूल स्वरूप और जलधारण क्षमता को प्रभावित किए बिना सड़क निर्माण या चौड़ीकरण की योजना बनाई जा सकती है या नहीं, इसकी तकनीकी जांच जरूरी है। अब सवाल यह है कि क्या डबरी तालाब के हिस्से को पाटने के लिए सक्षम स्तर से अनुमति ली गई है? यदि अनुमति है तो कितने क्षेत्र में तालाब को पाटने की स्वीकृति दी गई है और पर्यावरणीय एवं जल संरक्षण के मानकों का पालन कैसे किया जा रहा है? इन सवालों पर संबंधित विभाग और नगर निगम की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।शहर में तालाबों को बचाने और उनके संरक्षण की मुहिम के बीच डबरी तालाब के मामले ने विकास कार्यों और जलस्रोतों के संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
