बिलासपुर। कोटा विकासखंड के बछालीखुर्द के सरपंच डबरीपारा स्थित प्राथमिक शाला के लिए नए भवन की मांग लेकर जनदर्शन में पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल भवन जर्जर हो चुका है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें करीब एक किलोमीटर दूर कृषि भवन में पढ़ने जाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को रोजाना आवागमन की परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जर्जर भवन की जगह नया स्कूल भवन स्वीकृत करने की मांग की। ग्रामीणों ने गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी बताई। नेटवर्क नहीं होने से शासकीय कार्यों के साथ वीबी-जीरामजी के तहत मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने में भी परेशानी हो रही है। ज्ञात हो
जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने स्कूल भवन, बिजली, लंबित भुगतान, मकान क्षति और पेंशन सहित कई समस्याएं कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह के समक्ष रखीं। ग्रामीणों और कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के आवेदन सौंपते हुए शीघ्र निराकरण की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ओवरलोड होकर बार-बार बंद हो जाता है ट्रांसफार्मर
लाखासार आवास मोहल्ले के रहवासियों ने 25 केवी के पुराने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। उनका कहना है कि आबादी बढ़ने के कारण मौजूदा ट्रांसफार्मर पर लगातार अधिक भार पड़ रहा है और वह बार-बार बंद हो जाता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और अन्य जरूरी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र क्षमता वृद्धि की मांग की।
विद्युतीकरण कार्य की राशि लंबित
तखतपुर विकासखंड के धजाराम पटेल ने ग्राम पंचायतों में कराए गए विद्युतीकरण कार्य की लंबित राशि का भुगतान कराने का मामला जनदर्शन में उठाया। उन्होंने बताया कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान लंबित है। उन्होंने संबंधित विभाग से प्रकरण की जांच कर बकाया राशि दिलाने की मांग की।
बारिश में छत टूटी, आर्थिक सहायता की गुहार
पचपेड़ी निवासी श्यामलाल ने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकान की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान उनके घर की छत टूट गई, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे इसकी मरम्मत कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
10 साल से सुरक्षा श्रमिक, 13 महीने से वेतन नहीं
सकरी स्थित वन विभाग के शासकीय डिपो में पिछले दस वर्षों से सुरक्षा श्रमिक के रूप में कार्यरत बलराम यादव ने 13 महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लंबे समय से पारिश्रमिक लंबित होने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
रुकी निराश्रित पेंशन शुरू कराने की मांग
तखतपुर ब्लॉक के भरारी भुण्डा की महिलाओं ने बंद पड़ी निराश्रित पेंशन को पुनः शुरू कराने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि पेंशन उनके दैनिक जीवन-यापन का महत्वपूर्ण सहारा है। पेंशन बंद होने से रोजमर्रा के खर्चों में परेशानी हो रही है। उन्होंने पात्र हितग्राहियों की पेंशन जल्द बहाल कराने का आग्रह किया। कलेक्टर जनदर्शन में सामने आई इन शिकायतों से एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी भुगतान से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, वहीं दूसरी ओर जर्जर स्कूल भवन, बिजली आपूर्ति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी लोगों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
