बिलासपुर । पर्यावरण संरक्षण और राजस्व बचत के दोहरे लक्ष्य को प्राप्त करते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने सौर ऊर्जा के उपयोग को नई दिशा दी है। रेलवे स्टेशनों, सर्विस बिल्डिंग, रनिंग रूम और रेल फाटकों की छतों पर हरित ऊर्जा का उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य आँकड़े
* क्षमता विस्तार: विभिन्न स्थानों पर 2263.625 किलोवाट पीक (kWp) क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। * आर्थिक बचत: इस पहल से लगभग ₹1.12 करोड़ की ऊर्जा बचत हुई है। * पर्यावरण प्रभाव: कार्बन उत्सर्जन में 3213 टन की कमी दर्ज की गई है।
चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से जुलाई 2026) की प्रगति
* नवीन क्षमता: विभिन्न स्थानों पर 1981 किलोवाट पीक क्षमता के सोलर प्लांट कमीशन किए गए हैं। * बचत एवं कमी: इससे करीब ₹59 लाख की बचत हुई और 1711 टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है।
प्रमुख आकर्षण व रणनीतिक पहल
* भिलाई परियोजना: ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भिलाई में 50 मेगावाट क्षमता का एक बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।* इष्टतम उपयोग: स्टेशनों की छतों के अलावा सर्विस बिल्डिंग, रनिंग रूम, रेल फाटकों और अन्य उपयुक्त खाली स्थानों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जा रहा है। * सतत विकास: पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता और ऊर्जा व्यय को कम करते हुए स्वच्छ एवं पर्यावरण- अनुकूल रेल परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
