
जय झूलेलाल जी जय सनातन जी, मध्यप्रदेश रीवा शहर के सिंधी सेंट्रल पंचायत के मुखिया प्रहलाद सिंग द्वारा अपने अहंकार ओर स्वार्थ के कारण लगातार कई मसलों में गलत ओर मूर्खतापूर्ण फैसले किए जा रहे हैं जिससे समाज परिवार खराब हो रहे हैं ओर सिंधी समाज पीढ़ी को गलत संदेश जा रहा है, इससे भी बड़ी दुर्भाग्य की बात कुश पंचायत सदस्य इनकी गलत बातों में मुंडी हिलाकर समर्थन करते और कुश कमेटी से निकाले जाने के डर से मौन हो जाते । एक पति-पत्नी पारिवारिक मसले के दौरान इनकी मानसिकता कैसी , कुश बिंदु पहलू आपके समक्ष ..

(1) क्या एक पति या पत्नि को साथ रह रहे अपने जीवनसाथी से मोबाइल लॉक कर छुपाना चाहिए। ( इस पंचायत का कहना कि मोबाइल छुपाना उसका संवैधानिक अधिकार है क्या इससे शक की स्थिति पैदा नहीं होगी )
(2) क्या एक पति अपनी पत्नि को एक ऐसी 35 वर्षीय लड़की से संपर्क रखने से मना नहीं कर सकता जिसकी प्रवृत्ति रंडीयों समान हो ओर जो तांत्रिकों से संपर्क रखती हो ओर जिसने कई घर बर्बाद किये हो चाहे वह लड़की उसकी बुवा की बेटी हो ( इस पंचायत का कहना कि वो उसकी बहन समान है संबंध रखेगी )
(3) क्या एक पति अपनी पत्नि को मोबाइल पर सीमित बात कर पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के लिए नहीं कह सकता, क्या दिन में 12-15 बार अकारण मायके वालों से बात करना क्या उचित है ?
(4) जो पति अपनी पत्नी बच्चों को प्रभु-भक्ति, स्वास्थ्य-योग से जोड़ता, 45 बार रक्तदान कर सेवा का महत्व बताता, दोस्तों संग बैंकॉक न जाकर अपने परिवार को हर बार संत समागम करवाता, क्या ऐसा पति अपने बीवी बच्चों का दुश्मन हो सकता है ?
इसके अलावा भी 3-4 बिंदु और है जिसमें इस पंचायत ने न सिर्फ गलत बातों का समर्थन किया बल्क एक पत्नि को पति के खिलाफ भड़का कर ,बच्चों को उसके पिता के खिलाफ भड़का कर ,उन्हें स्वार्थ सिखाकर परिवार को तोड़ने का काम किया गया , पत्नि चरित्रवान,ईमानदार, संस्कारी है वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म में पति द्वारा सतर्क रहने की बात को ठीक से समझ न पाई, और फिर कमजोर पारिवारिक हालात में मायके और पंचायत द्वारा स्वार्थी सलाह से असमंजस्य की स्थिति में उलझ गई , पति को पत्नि से शिकायत कम , पंचायत से शिकायत ज्यादा है ,
बंधुओं कई परिवारों में मसले होते हैं जिन परिवारों में बड़े बुजुर्ग नहीं होते वे मजबूरन पंचायत आते है सही समझाईश और मार्गदर्शन के लिए, और पंच प्रतिनिधि पंचायत बनाने का उद्देश्य भी यही होता है समाज को सही दिशा दिखाने का, पर अगर यही पंचायती गलत अनैतिक निर्णय कर जोड़ने की जगह तोड़ने का कार्य करेंगे तो यह समाज के लिए बड़े दुर्भाग्य की बात है, मै रीवा सिंधी सेंट्रल पंचायत के मुखिया प्रहलाद सिंग और पंचायत सदस्यों की घटिया मानसिकता का कड़ा विरोध करता हूं, और उन विघ्नकर्ता माताओं का भी कड़ा विरोध करता हूं जो अपनी शादीशुदा बेटियों के परिवार में सालों गुजर जाने के बाद भी अत्याधिक हस्तक्षेप करतीं हैं,
चिंतन हो, मंथन हो..
इस पूरी खबर की पुष्टि हमर संगवारी नहीं करता है सोशल मीडिया में जो चल रहा है उसी को हमने सामने दिखाने की कोशिश की है अभी रीवा पूज्य सिंधी सेंटर पंचायत अध्यक्ष प्रहलाद सिंह या अन्य किसी पदाधिकारी से हमारी बातचीत नहीं हो पाई है हम कोशिश कर रहे हैं कि उनका पक्ष भी हम सुने और आप सबके सामने लाएं
