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भिलाई के कैंप-2 इलाके का ड्राइवर राजवीर सिंह पुलिस की गिरफ्तारी से कुछ ही देर पहले हमारे स्टूडियो पहुंचा।
कैमरे के सामने उसने जो हकीकत बयां की, वह बेहद हैरान और विचलित करने वाली है।
खुद महादेव सट्टा सिंडिकेट के चंगुल में फंस चुके राजवीर सिंह ने साफ तौर पर खुलासा किया कि किस तरह बड़े राजनेता और विधायक इस अवैध काले कारोबार को खुला संरक्षण दे रहे हैं।
उसने विस्तार से बताया कि कैसे गरीब और बेबस लोगों के बैंक खातों को किराए पर लिया जाता है और काम निकल जाने के बाद असल खाताधारकों को ही जेल भिजवा दिया जाता है।
इस देश विरोधी सट्टा नेटवर्क को चलाने वाले एक-एक चेहरे को उसने बेनकाब किया।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि भिलाई के सैकड़ों युवा आज गायब हैं।
करीब 300 लड़कियां न जाने कहां और किस हाल में होंगी, जिन्हें धोखे से इस दलदल में धकेल दिया गया है।
याद रहे, इसी भिलाई से महादेव सट्टे का जाल फैला था। हमने जब इस राजनीतिक संरक्षण प्राप्त काले धंधे के खिलाफ लगातार खबरें दिखाईं, तो बौखलाकर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने दुबई से हमें 1 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा था।
आज खेल का तरीका बदल चुका है, असल मास्टरमाइंड तक आंच नहीं पहुंच रही और न कोई बड़ी कार्रवाई दिख रही है।
उस गरीब ड्राइवर राजवीर ने साफ बताया कि इसमें कौन-कौन शामिल है। जब उसने विधायक का नाम लिया तो हैरानी जरूर हुई, लेकिन उसके चेहरे पर किए का भारी पश्चाताप और आत्मग्लानि थी। उसे जेल जाने का रत्ती भर भी खौफ नहीं था।
राजवीर सिंह के साहस की दाद देनी होगी कि उसने सच सामने रखने की हिम्मत जुटाई।
हमारे स्टूडियो में इंटरव्यू देने के कुछ ही देर बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई।
लेकिन कैमरे के सामने उसने जो कड़वा सच उजागर किया है, उसे हर किसी को गंभीरता से सुनने और समझने की जरूरत है।
आखिर हमारा समाज जा कहां रहा है?
देश के इन गद्दारों को कौन और क्यों पनाह दे रहा है?
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