राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के आदेशानुसार, कलेक्टर एवं अध्यक्ष रेना जमिल के मार्गदर्शन तथा बिजेंद्र सिंह पाटले मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशन व अशोक सिन्हा जिला शिक्षा अधिकारी के सहयोग से सूरजपुर जिले में आयोजित ‘उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ की शिक्षार्थी आकलन महापरीक्षा (FLNAT) में साक्षर होने का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। जिले के परीक्षा केंद्रों से आई तस्वीरों ने यह साबित कर दिया कि यदि मन में कुछ सीखने की ललक हो, तो उम्र, शारीरिक अक्षमता और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ कभी आड़े नहीं आतीं। एक ही बेंच पर बैठीं सास और बहू:जिले के विकासखंड रामानुजनगर के शासकीय माध्यमिक शाला माझापारा (नारायणपुर) परीक्षा केंद्र में घरेलू रिश्तों से परे साक्षरता का एक खूबसूरत रिश्ता देखने को मिला। यहाँ सास श्रीमती रकीबा खातून और उनकी बहू श्रीमती रैसुननिशा एक साथ परीक्षा केंद्र पहुँचीं और एक ही बेंच पर बैठकर परीक्षा दी। घर की चौखट और चूल्हा-चौका साथ सँभालने वाली सास-बहू की इस जोड़ी ने अक्षरों और अंकों की दुनिया में भी एक-दूसरे का हाथ थामकर परीक्षा हॉल में प्रश्नों को हल किया, जो पूरे केंद्र के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र रहीं।
दिव्यांगता और ममता पर भारी पड़ा अक्षरों का हौसला: हौसले और जज्बे की एक और बेमिसाल कहानी विकासखंड भैयाथान के शासकीय माध्यमिक शाला हर्रापारा परीक्षा केंद्र में देखने को मिली। यहाँ श्रीमती वर्षा, जो पैरों से दिव्यांग हैं, अपने 4 माह के बच्चे को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुँचीं। शारीरिक चुनौती और नन्हे बच्चे को सँभालने की दोहरी जिम्मेदारी के बावजूद वर्षा के चेहरे पर साक्षर होने की गजब की चमक थी। परीक्षा केंद्र पहुँचीं वर्षा ने पूरी लगन से बुनियादी साक्षरता और अंकगणित के पर्चे को हल किया। उनकी इस लगन को देखकर परीक्षा केंद्र में मौजूद सभी शिक्षक और पर्यवेक्षक खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
सूरजपुर जिले में व्यापक स्तर पर मूल्यांकन: इस महापरीक्षा में जिले भर के हजारों नव-साक्षरों ने हिस्सा लिया। सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चली इस परीक्षा में शिक्षार्थियों के पढ़ने, लिखने के साथ-साथ उनके रोजमर्रा के जीवन कौशल जैसे वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्षरता और चुनावी जागरूकता का मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों ने दी बधाई: शासकीय माध्यमिक शाला हर्रापारा का निरीक्षण करने पहुंचे जिला परियोजना अधिकारी डा मोहन साहू तथा शासकीय माध्यमिक शाला माझापारा (नारायणपुर) परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे जिला मिशन समन्वयक मनोज साहू ने इन प्रेरक प्रसंगों की सराहना करते हुए कहा, “माझापारा की सास-बहू की जोड़ी और हर्रापारा की दिव्यांग शिक्षार्थी वर्षा हमारे पूरे सूरजपुर जिले के लिए गौरव हैं। इनका यह कदम समाज के उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी कारणवश बचपन में पढ़ नहीं पाए। सूरजपुर को पूर्ण साक्षर जिला बनाना है।
