“गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ…” के गगनभेदी जयघोष के साथ अमेरिका के टेक्सस प्रांत के मलीसा नगर में अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर प्रवासी भारतीय परिवारों ने मिलकर पारंपरिक विधि-विधान से श्री गणेश विसर्जन पूजा का आयोजन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुशील मदवानी परिसर में विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की भव्य आरती के साथ हुई। इसके बाद वहां मौजूद भारतीय परिवारों ने सामूहिक रूप से “एक, दो, तीन, चार, गणेश जी की जय-जयकार” के नारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से भर गया। इस उमंग भरे माहौल में मिट्टी से बनी श्री गणेश जी की बेहद खूबसूरत ईको-फ्रेंडली मूर्ति का विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर अमेरिका प्रवासी व वरिष्ठ पत्रकार मोहन मदवानी ने गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी। उन्होंने विश्व कल्याण और जन कल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व ही हमारा परिवार है) की भावना को रेखांकित करते हुए वहां उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
परिसर बना ‘छोटा भारत’
इस गणेश उत्सव की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल के प्रवासी परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने एकजुट होकर भगवान गणेश को नमन किया। विभिन्न संस्कृतियों के इस मिलन ने मदवानी परिसर को कुछ समय के लिए ‘छोटा भारत’ बना दिया।
उक्त आशय की जानकारी वरिष्ठ पत्रकार मोहन मदवानी द्वारा दी गई है
