– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। विश्व हृदय दिवस पर आयोजित रैली को हरी झंडी दिखाने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सुबह अचानक बिलासपुर के सिम्स अस्पताल पहुंच गए। करीब 20 मिनट तक चले इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैजुअल्टी से लेकर सर्जिकल वार्ड तक का जायजा लिया और मरीजों से सीधे संवाद कर इलाज, डॉक्टरों की उपलब्धता और भोजन व्यवस्था का फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान जहां एक महिला मरीज ने शाम को डॉक्टरों के वार्ड में न आने की शिकायत की, वहीं सर्जिकल वार्ड का उखड़ा हुआ फर्श देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
रजिस्टर की जांच और वार्डों का जायजा
सुबह करीब 7:50 बजे स्वास्थ्य मंत्री सीधे सिम्स की कैजुअल्टी पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जानकारी ली और मरीजों की एंट्री वाला रजिस्टर खुद देखा। इसके बाद वे मेल और गायनी वार्ड में पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की।
शाम को डॉक्टरों के राउंड न लेने पर महिला मरीज ने की शिकायत
इसी दौरान एक महिला मरीज ने मंत्री से शिकायत करते हुए बताया कि “शाम के समय कई बार डॉक्टर वार्डों में राउंड के लिए नहीं आते हैं।” इस पर मंत्री ने संज्ञान लेते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
फर्श की मरम्मत के लिए सरकारी फंड का इंतजार न करने के निर्देश
निरीक्षण के सिलसिले में जब मंत्री सर्जिकल वार्ड पहुंचे, तो वहां का फर्श जगह-जगह से उखड़ा हुआ मिला। स्ट्रेचर लाने-ले जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से स्लोप (ढलान) बनाने और फर्श की तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर पहुंचे डीन डॉ. रमेश मूर्ति और एमएस डॉ. लखन सिंह को हिदायत देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि मरम्मत के कार्यों के लिए सरकारी बजट या फंड के इंतजार में बैठने की जरूरत नहीं है, बल्कि स्वशासी समिति के माध्यम से तुरंत काम कराया जाए।
एक महीने के भीतर नई बिल्डिंग के भूमिपूजन की तैयारी
अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मंत्री जायसवाल ने सिम्स की प्रस्तावित नई बिल्डिंग को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक महीने के भीतर प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों नई बिल्डिंग का भूमिपूजन कराया जाना है, इसलिए इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं।
इन बिंदुओं पर नहीं हुआ निरीक्षण
करीब 20 मिनट चले इस त्वरित निरीक्षण के दौरान कुछ पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जा सका – * डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति जांचने के लिए अटेंडेंस रजिस्टर की जांच नहीं की गई। * अस्पताल की सफाई व्यवस्था और टॉयलेट्स का निरीक्षण इस दौरे में शामिल नहीं था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विश्व हृदय दिवस पर निकाली गई जन-जागृति रैली के दौरान स्वास्थ्य मंत्री देवकीनंदन चौक तक पैदल चले थे, और रैली के तुरंत बाद वे सीधे सिम्स अस्पताल का जायजा लेने पहुंच गए थे।
