*प्रसिद्ध व्याख्याकार कामता प्रसाद शरण देंगे आध्यात्मिक प्रस्तुति, क्षेत्र के श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील*
बिलासपुर-मस्तूरी जनपद के ग्राम सुखरीपाली में आगामी 10 अक्टूबर 2026 को पितृ श्राद्ध के अवसर पर भव्य श्राद्ध कीर्तन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्था और भक्ति से जुड़े इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों एवं क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं तथा श्रद्धालुओं के स्वागत और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य पितरों के प्रति श्रद्धा एवं स्मरण के साथ धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं को एकजुट करना और कीर्तन, कथा एवं आध्यात्मिक वाणी के माध्यम से धर्म-संस्कृति से जोड़ना है। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों के पहुंचने की उम्मीद है।
*कामता प्रसाद शरण की होगी विशेष प्रस्तुति*
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध व्याख्याकार श्री कामता प्रसाद शरण जी की आध्यात्मिक प्रस्तुति रहेगी। वे धार्मिक प्रसंगों, भक्ति और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। उनकी ओजपूर्ण एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति का संदेश मिलेगा।
कामता प्रसाद शरण की लोकप्रियता का अंदाजा उनके पूर्व आयोजनों से भी लगाया जा सकता है। आयोजनकर्ता श्री रेवाशंकर साहू द्वारा इससे पहले ग्राम हरदाडीह के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भी कामता प्रसाद शरण ने अपनी आध्यात्मिक एवं भव्य प्रस्तुति दी थी। उस अवसर पर उन्होंने भगवान शिव की महिमा का प्रभावशाली वर्णन एवं प्रस्तुति कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया था। उनके प्रवचन और प्रस्तुति को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा था। इसी को देखते हुए सुखरीपाली में होने वाले आगामी कार्यक्रम को लेकर भी लोगों में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।
जनप्रतिनिधियों की रहेगी मौजूदगी
कार्यक्रम के आयोजन में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 08 की भूमिका रहेगी। वहीं कार्यक्रम के आयोजनकर्ता श्री रेवाशंकर साहू जी हैं। कार्यक्रम में वर्तमान सरपंच के प्रतिनिधि एवं पूर्व सरपंच गतौरा श्री नरेंद्र वस्त्रकार की भी उपस्थिति रहेगी।
धर्म और संस्कृति के संगम का बनेगा अवसर
आयोजन समिति का कहना है कि पितृ श्राद्ध जैसे धार्मिक अवसर केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि परिवार, समाज और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक चेतना के साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी मजबूती मिलती है।
आयोजन समिति ने सुखरीपाली, मस्तूरी, सीपत,अकलतरा, रतनपुर, बेलतरा,जांजगीर, बिलासपुर, कोरबा, बलौदाबाजार, मुंगेली सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों, धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। 10 अक्टूबर को सुखरीपाली में होने वाला यह आयोजन भक्ति, अध्यात्म और सामाजिक सहभागिता का विशेष संगम बनने की उम्मीद है।
