**शिव-अनुराग भवन में चैतन्य देवी झांकी के मंच से आध्यात्मिक संदेश, राजयोग से मन की एकाग्रता और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा**
**राज किशोर नगर, बिलासपुर।** नवरात्रि का पर्व हमें देवी की आराधना के साथ अपने भीतर की शक्तियों को पहचानने और जीवन की कमजोरियों पर विजय पाने की प्रेरणा देता है। देवी के विभिन्न स्वरूप साहस, धैर्य, शांति और शक्ति जैसे गुणों की याद दिलाते हैं। जरूरत है इन गुणों को अपने जीवन में उतारने की। यह विचार ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने राज किशोर नगर स्थित शिव-अनुराग भवन में चैतन्य देवी झांकी के मंच से आयोजित आध्यात्मिक सत्संग में व्यक्त किए।
### देवी की पूजा के साथ उनके गुणों को भी अपनाएं
मंजू दीदी ने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और देवी दर्शन का पर्व नहीं है, बल्कि स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर भी है। जिस प्रकार देवी को शक्ति स्वरूप में पूजते हैं, उसी प्रकार हर व्यक्ति अपने भीतर शांति, प्रेम, सहनशीलता और साहस जैसे गुणों को विकसित कर सकता है। क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों पर विजय पाना ही आंतरिक शक्ति को पहचानने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
### राजयोग से मन को मिलेगी शांति और एकाग्रता
उन्होंने बताया कि आज की व्यस्त दिनचर्या में मन को शांत रखना और परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक दिशा देना सीखता है। कुछ समय परमात्मा की स्मृति में रहकर मन को एकाग्र करने से तनाव कम करने, धैर्य बनाए रखने और सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रेरित किया कि परिस्थितियों को बदलने के साथ-साथ अपने विचारों और दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाना भी जरूरी है।
### सत्संग के बाद होंगे चैतन्य देवी के दर्श�
