बिलासपुर, 15 अक्टूबर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना से देश के उत्तर और दक्षिण के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। लगभग 5,235.79 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 231 किलोमीटर लंबी परियोजना को मार्च 2026 में स्वीकृति मिली थी। परियोजना के लिए पूरे रेलमार्ग का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।
इस परियोजना के पूरा होने से रेलखंड की क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन अधिक सुगम होने, परिचालन दक्षता बढ़ने और रेल यातायात में होने वाली देरी कम करने में मदद मिलेगी।
तीन खंडों में होगा रेललाइन का दोहरीकरण
गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना को तीन खंडों में विभाजित किया गया है। इसमें गोंदिया–बालाघाट खंड 42 किलोमीटर, बालाघाट–नेनपुर खंड 82.40 किलोमीटर और नेनपुर–जबलपुर खंड 106.80 किलोमीटर लंबा है। इन तीनों खंडों की कुल लंबाई 231 किलोमीटर है।
परियोजना में कुल 23 स्टेशन शामिल हैं। इनमें गोंदिया, प्रतापबाग, बिरसोला, हट्टा, हट्टा रोड, बालाघाट, भरवेली, समनापुर, चारगांव, लामटा, नैनपुर, पादरीगंज, नेनपुर, पिंडरई, निधानी, घंसौर, बिनैकी, शिकारा, सुकरीमंगला, बरगी, चारघाट पिपरिया, ग्वारीघाट और जबलपुर जैसे स्टेशन शामिल हैं।
507 पुलों का होगा निर्माण
परियोजना की तैयारियों के तहत पूरे मार्ग का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। इसके अंतर्गत लगभग 507 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। साथ ही रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना भी तैयार की गई है।
परियोजना के तहत 10 नए स्टेशन भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 31 स्टेशनों पर बिजली, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का स्थानांतरण किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य के साथ-साथ परिचालन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सके।
रेल परिचालन क्षमता बढ़ेगी, माल ढुलाई को मिलेगा लाभ
रेलवे के अनुसार, दोहरीकरण से इस मार्ग पर प्रतिवर्ष लगभग 7.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। इससे करीब 350 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक लागत की बचत होने तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 16 करोड़ किलोग्राम की कमी आने का अनुमान है।
परियोजना से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच रेल संपर्क को भी मजबूती मिलेगी। इससे क्षेत्रीय व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन को लाभ मिलने की संभावना है।
भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति की प्रक्रिया जारी
परियोजना के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, शासकीय भूमि हस्तांतरण तथा वन संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बालाघाट–नेनपुर एवं नेनपुर–जबलपुर खंडों में निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक निविदाएं वन एवं वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद जारी की जाएंगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शेष साईं उर रहमान ने कहा कि गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे रेल संपर्क मजबूत होने के साथ किसानों, व्यापारियों, उद्योगों और आम यात्रियों को भी लाभ मिलेगा
