**गुरुवार विशेष सतसंग में परमात्म महावाक्य सुनाकर दिया श्रेष्ठ जीवन जीने का संदेश*
*चैतन्य देवियों की झांकी की विशेष व्यवस्था की दी जानकारी*
*राज किशोर नगर, बिलासपुर।* शिव-अनुराग भवन में गुरुवार को आयोजित विशेष सतसंग में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने परमात्म महावाक्य सुनाते हुए जीवन में शांति, प्रेम और अच्छे संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन की जिम्मेवारियां निभाते हुए भी मन को शांत रखना और हर परिस्थिति में दूसरों के प्रति शुभभावना बनाए रखना जरूरी है। सच्ची महानता, धन-दौलत या पद में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार, संस्कार और दूसरों के प्रति प्रेमभाव में दिखाई देती है।
*अच्छे व्यवहार से बदल सकते हैं संबंध*
मंजू दीदी ने समझाया कि जब हम स्वयं शांत और खुश रहते हैं, तो हमारे संपर्क में आने वाले लोगों को भी शांति का अनुभव होता है। दूसरों की गलतियों को देखने के बजाय उनके प्रति स्नेह और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। प्रेम और अच्छे व्यवहार से बिगड़े हुए संबंधों को भी सुधारा जा सकता है। परमात्मा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर हम अपने स्वभाव को बेहतर बना सकते हैं और दूसरों के जीवन में भी सुख-शांति ला सकते हैं।
*सहस्त्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद होंगे चैतन्य देवियों के दर्शन*
इस अवसर पर मंजू दीदी ने शिव-अनुराग भवन में आयोजित चैतन्य देवियों की झांकी के दर्शन के लिए की गई विशेष व्यवस्था की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक गुफा तैयार की गई है। दर्शन यात्रा की शुरुआत सहस्त्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन से होगी। इसके बाद श्रद्धालु निर्धारित मार्ग से होते हुए चैतन्य देवियों की झांकी तक पहुंचेंगे। यहां बैठकर देवियों के दर्शन करने की व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालु सहजता और शांति के साथ इस आध्यात्मिक झांकी का आनंद ले सकेंगे।
चैतन्य देवियों की यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक आकर्षण का विशेष केंद्र बनी हुई है।
