
/ ब्रह्माकुमारी उसलापुर बिलासपुर//
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नवरात्रि की अष्टमी के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ओम् शान्ति सरोवर, उसलापुर में चैतन्य देवियों की दिव्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। मां जगदम्बा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां दुर्गा, मां संतोषी, मां गायत्री, मां उमा एवं मां महाकाली के स्वरूप में राजयोग साधना में लीन ब्रह्माकुमारी बहनें विराजमान रहीं। मां उमा और मां संतोषी के स्वरूप में दो छोटी कन्याएं भी राजयोग की साधना करती हुई विशेष आकर्षण बनीं।
चैतन्य देवियो की झांकी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ सी. वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा करेगी रोड के रजिस्ट्रार सर भ्राता डॉ. अरविंद तिवारी जी, ग्रामीण प्रोधयोगिकी क्षेत्र प्रोफेसर भ्राता अनुपम जी, भ्राता राजाराम साहू जी, भ्राता अंजन डे जी, मुख्य संचालिका बी.के. छाया दीदी एवं बी.के. कृष्णा बहन सहित अनेक गणमान्य अतिथि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने चैतन्य देवियों की आरती कर आध्यात्मिक आनंद एवं शांति का अनुभव किया।
नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए बी.के. छाया दीदी ने कहा कि भारत में शिवरात्रि और नवरात्रि—दोनों पर्व ‘रात्रि’ शब्द से जुड़े हुए हैं। रात्रि अज्ञान, विकारों और दुःख-अशांति के अंधकार का प्रतीक है। जब संसार में विकारों का अंधकार बढ़ जाता है, तब परमपिता परमात्मा शिव का अवतरण के साथ शिव शक्तियों का अवतरण नवरात्रि के रूप में पूजनीय है। जब शिव और शक्तियां मिलकर विश्व कल्याण का कार्य करती हैं, तब आसुरी शक्तियों का संहार और दैवी संस्कारों की स्थापना होती है।
उन्होंने कहा कि यदि हम प्रत्येक नारी और कन्या में देवी का स्वरूप देखेंगे, तो हमारी दृष्टि और वृत्ति पवित्र रहेगी, हमारे कर्म श्रेष्ठ होंगे और हमारा जीवन उज्ज्वल बनेगा। अतः प्रत्येक कन्या, माता और बहन का सम्मान करें तथा उनके प्रति सदैव पवित्र दृष्टिकोण रखें। यही देवी-पूजन का सच्चा आध्यात्मिक संदेश है।
छाया दीदी ने आगे कहा कि राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से मन को शांत, एकाग्र और शक्तिशाली बनाया जा सकता है। परमपिता परमात्मा शिव से संबंध जोड़कर जीवन में पवित्रता, प्रेम, शांति, धैर्य एवं आत्मबल जैसे दैवी गुण धारण किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर सभी को राजयोग का नियमित अभ्यास करने की प्रेरणा देते हुए बताया गया कि ब्रह्माकुमारी ओम् शान्ति सरोवर, उसलापुर में 21 अक्टूबर से तीन दिवसीय निःशुल्क राजयोग शिविर प्रारंभ होगा। शिविर का समय प्रातः 8:30 से 9:30 बजे तथा सायं 5:00 से 6:00 बजे तक रहेगा। इच्छुक भाई-बहन अपनी सुविधानुसार किसी एक सत्र में भाग लेकर राजयोग का लाभ ले सकते हैं।
ईश्वरीय सेवा में
बी के छाया दीदी
मुख्य संचालिका
ब्रह्माकुमारीज
ओम शांति सरोवर
उसलापुर बिलासपुर
