
बिलासपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, हेमुनगर एवं देवरीखुर्द सेवाकेंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हेमुनगर चौक पर आयोजित भव्य ‘चैतन्य देवी दर्शन’ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण एवं आध्यात्मिक अनुभूति का केंद्र बना हुआ है।इस अनूठे आयोजन में माताओं एवं बहनों को विभिन्न देवी स्वरूपों में सुसज्जित कर चैतन्य झांकी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, देवी शक्तियों एवं आध्यात्मिक मूल्यों का सुंदर संदेश दिया जा रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक (सीटीपीएम) श्री हेमेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन किया। उन्होंने चैतन्य देवियों के दर्शन कर आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा अपनी शुभभावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, “मातारानी की कृपा हम सब पर बनी रहे।” उन्होंने इस आध्यात्मिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का सुंदर माध्यम बताया।इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ हेमुनगर सेवाकेंद्र की प्रभारी राजयोगिनी बीके लता दीदी ने देवी शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए परमात्मा का सत्य परिचय दिया। उन्होंने बताया कि देवी शक्तियाँ पवित्रता, शांति, प्रेम, करुणा एवं दिव्य गुणों की प्रतीक हैं। राजयोग के अभ्यास एवं परमात्मा से संबंध जोड़कर प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में इन दिव्य गुणों को धारण कर सकता है।आयोजन में विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी, गणमान्य नागरिक माहापौर और जेजे हॉस्पिटल के डॉक्टर भी अपस्थित हुऎ एवं श्रद्धालु भी पहुँचकर चैतन्य देवियों के दर्शन कर रहे हैं। आगामी अष्टमी एवं नवमी के अवसर पर भी अनेक विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों एवं श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक हेमुनगर चौक, बिलासपुर में चैतन्य देवियों के दर्शन किए जा सकते हैं।ब्रह्माकुमारीज़ हेमुनगर एवं देवरीखुर्द सेवाकेंद्र की ओर से समस्त नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से सपरिवार पधारकर चैतन्य देवियों के दर्शन करने, दीप प्रज्वलित करने तथा आध्यात्मिक वातावरण का लाभ लेने की हार्दिक अपील की गई है।लता दीदी ने कहा कि यह आयोजन केवल देवी दर्शन ही नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर छिपी दिव्य शक्तियों को जागृत करने और जीवन में सुख, शांति एवं पवित्रता का संदेश देने का एक आध्यात्मिक प्रयास है।
