
बिलासपुर। शहर का ऐतिहासिक विवेकानंद उद्यान, जिसे कंपनी गार्डन के नाम से जाना जाता है, इन दिनों बदहाल व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते शाम ढलते ही उद्यान का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। इसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों, जुआरियों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे मॉर्निंग-इवनिंग वॉक करने वाले नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।मॉर्निंग-इवनिंग वॉक करने वालों की सुरक्षा पर गंभीर खतराउद्यान की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें और हाईमास्ट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और बिजली विभाग का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उद्यान के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, इसके बावजूद प्रकाश व्यवस्था की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।अंधेरे में बढ़ रहीं असामाजिक गतिविधियांस्थानीय लोगों के अनुसार, शाम लगभग छह बजे के बाद उद्यान के भीतर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ने लगती हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ लोग जुआ खेलने, नशा करने और हुड़दंग मचाने जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं। इससे उद्यान में आने वाले परिवारों का सहज और सुरक्षित वातावरण प्रभावित हो रहा है।नगर निगम की लापरवाही से नागरिक परेशानस्थिति यह है कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शाम के समय उद्यान में आने से कतराने लगे हैं। नियमित रूप से टहलने वाले कई नागरिकों ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण अपनी दिनचर्या बदल दी है। शहर के बीचोंबीच स्थित इस ऐतिहासिक उद्यान का ऐसा स्वरूप नागरिकों को निराश कर रहा है।पुलिस गश्त बढ़ाने की मांगस्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन, नगर निगम आयुक्त तथा बिलासपुर पुलिस से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि उद्यान की सभी खराब लाइटों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए, मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और शाम से रात तक नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए। लोगों का मानना है कि प्रभावी निगरानी और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था से असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इससे कंपनी गार्डन को फिर से परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक स्थल बनाया जा सकेगा।लाइटों की मरम्मत का आश्वासनविद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था के प्रभारी विजय ताम्रकार के अनुसार, कंपनी गार्डन की अधिकांश लाइटें चालू हैं, जबकि कुछ लाइटें बंद हो सकती हैं। उन्होंने खराब लाइटों की मरम्मत कराने और व्यवस्था को सामान्य बनाने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस आश्वासन पर कितनी शीघ्रता से अमल करता है। नागरिकों को उम्मीद है कि नगर निगम प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ उद्यान की सुरक्षा पर भी गंभीरता से ध्यान देगा, ताकि शहर की इस ऐतिहासिक धरोहर में लोग बिना किसी भय के सुबह-शाम सैर कर सकें।
