
बिलासपुर। सिंधी कॉलोनी, जरहाभाठा स्थित धन गुरु नानक दरबार साहिब में गुरु भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच अद्दी अम्मा की याद में मासिक वरसी हरशोलॉस से मनाई गई 5 श्री जपजी साहिब जी का अखंड चालीहा पाठ साहिब निरंतर संगत द्वारा किया जा रहा है दरबार साहिब में 5 श्री जपजी साहिब जी का अखंड पाठ हिंदी में 24 घंटे निरंतर 40 दिनों तक चलता रहेगा। इस पावन पाठ का समापन 24 नवंबर 2026 को गुरुपर्व के अवसर पर भोग साहिब के साथ होगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन अमृतवेले सुखमणि साहिब का पाठ भी किया जाएगा, जिससे दरबार साहिब का वातावरण गुरबाणी और प्रभु सिमरन से भक्तिमय बना रहेगा। अवसर पर महान कीर्तन दरबार का आयोजन भी किया गया। इसमें भाई साहब जनरल की जनरल सिंह जी एवं भाई साहब पवन सिंह ने मधुर शब्द-कीर्तन प्रस्तुत कर साध-संगत को निहाल किया। संगत ने श्रद्धापूर्वक गुरबाणी का श्रवण किया और गुरु घर की खुशियां प्राप्त कीं।दरबार साहिब की प्रबंध व्यवस्था से जुड़े प्रबंधको ने बताया कि इन 40 दिनों में साध-संगत को गुरु घर में हाजिरी लगाकर सेवा-सिमरन करने का विशेष अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पावन आयोजन में सहभागी बनें, गुरु घर की सेवा करें और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बनाएं।विश्व कल्याण के लिए हुई अरदास, गुरु का अटूट लंगर बरताया इसके पश्चात उपस्थित साध-संगत ने गुरु का अटूट लंगर बरताया , जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।सेवादारों का रहा सराहनीय योगदानइस पूरे आयोजन को सफल बनाने में दरबार के प्रमुख भाई साहब मूलचंद नारवानी, पूर्व पार्षद सुरेश वाधवानी, सोनू लालचंदनी, नरेश मेहरचंदनी, गंगाराम सुखीजा, वर्तमान वार्ड पार्षद कंचन सुरेश वाधवानी, बलराम रामानी, डॉ. हुदल दास सोमनानी, मुरली कुकरेजा, प्रकाश जग्यासी, अविनाश हिंदूजा, विष्णु धनवानी, राहुल पमनानी, अशोक मतलानी, सुरेश माधवानी, विकास बजाज, सुमित चिमनानी, रोशन, नंदलाल पोपटानी, बलवीर सिंह, राजेंद्र (पप्पू भाई), साहिल, अनीता नारवानी, ज्योति हिंदूजा, कशिश जैसवानी, स्नेहा पमनानी, पलक हरजपाल, वर्षा सुखीजा, अमृता लालचंदानी, पलक मखीजा, कंचन रोहरा, सोनिया कलवानी, मनन, डॉ. सोनम कलवानी, अक्षय कुमार, नीलम, दीपक लालवानी सहित अन्य सेवादारियों का सराहनीय सहयोग रहा।धन गुरु नानक दरबार में आरंभ हुआ यह अखंड चालीहा पाठ साध-संगत के लिए गुरु भक्ति, सेवा, सिमरन और आध्यात्मिक आनंद का विशेष अवसर हैं
