
बिलासपुर।**समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर जरूरतमंदों, वंचितों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली समाजसेविका सुनीता सिंह का शनिवार, 17 अक्टूबर को अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि खुशाल बोपचे पूर्व सांसद एवं मंत्री महाराष्ट्र व धनंजय राठौर संयुक्त संचालक संचालनालय जनसंपर्क विभाग रायपुर, तुषार गायकवाड पुणे, ओम प्रकाश वर्मा, विजय राम आजाद, गौतम बालबोंद्रे की उपस्थिति में शहर के बुधवारी बाजार स्थित रेलवे नॉर्थ इंस्टीट्यूट हॉल में आयोजित मूकनायक राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन, छत्तीसगढ़ (तृतीय) के अवसर पर उन्हें अभिनंदन पत्र प्रदान कर उनके सामाजिक सरोकारों और मानवीय सेवाओं की सराहना की गई। श्रीमती सुनीता सिंह ‘हितार्थ एक सेवा’ संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष सहित शा जिला लैंगिक उत्पीड़न निवारण समिति सदस्य म बा वि वि बिलासपुर एवं शा जीवनदीप स्वास्थ्य समिति सदस्य, स्वास्थ्य विभाग, बिलासपुर में सक्रिय रूप से समाज सेवा कार्यों में अपना योगदान दे रही हैं। वे पिछले लगभग 15 वर्षों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, चिकित्सा, आवास सहायता तथा जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों की सहायता को उन्होंने अपने सामाजिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया है। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राशन एवं आवश्यक सामग्री पहुंचाने, आइसोलेशन में रह रहे लोगों की सहायता करने तथा स्वयं लगभग 3,500 मास्क तैयार कर निःशुल्क वितरित करने जैसे कार्य किए। उन्होंने रक्तदान शिविरों के आयोजन, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड की उपलब्धता और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग के माध्यम से भी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। श्रीमती सिंह की सेवाओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं प्रशासनिक स्तर पर भी सराहना मिल चुकी है। उनके कार्यों का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना रहा है।अभिनंदन पत्र में उनके समर्पण, करुणा, सामाजिक संवेदनशीलता और निरंतर सेवाभाव की प्रशंसा करते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान को समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण का गौरवपूर्ण प्रतिफल माना जा रहा है।श्रीमती सुनीता सिंह का यह सम्मान उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो निस्वार्थ भाव से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत हैं। उनका सेवाभाव इस संदेश को मजबूत करता है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।
