लेखराज मोटवानी : भक्ति का अद्भुत संगम, संत राजाराम साहब जी का वार्षिक महोत्सव, जिसमें संतों महात्माओं का आशीर्वाद निरंतर बरस रहा है, श्रद्धालु अपने मन की मुराद प्राप्त करते हैं, और जीवन जीने की कला के साथ नई ऊर्जा प्राप्त कर पूरे वर्ष के लिए चार्ज हो जाते हैं। आज का विशेष आकर्षण मातृ शक्ति व्दारा परिवार, समाज,नगर, राज्य तथा देश की सुख- समृद्धि हेतु निकाली गई, 351 कलशों से युक्त विशाल कलश यात्रा रही, जिसे वैदिक विधि विधान द्वारा आचार्य श्री श्री चिन्ना श्रीमन्न नारायण रामानुज जियर स्वामी तथा संतों और महात्माओं के साथ डॉक्टर संत युधिष्ठिर लाल जी की मुख्य यजमानी में कलश यात्रा के महत्व को बताते हुए प्रारंभ किया । मातृशक्ति का उत्साह देखते ही बनता था, इस भव्य कलश यात्रा का स्वागत संत राजाराम चौक पर अभूतपूर्व तरीके से संत शदाणी नगरवासियों ने किया। इस पावन अवसर पर आए हुए संत महात्माओं केरल से मातृभक्त श्री राजीव रकुल जी, इस्कॉन के श्री चक्रवर्ती दास जी, वृंदावन से बालक भक्त भागवत जी, लखनऊ से सांई मोहनलाल जी, अमरावती से सांई राजेश लाल जी, सांई रोचक लाल जी, सांई राजूराम जी, दिल्ली से दादा लक्ष्मण दास जी, काशी विश्वनाथ से स्वामी गोबिंदानंद जी, श्री मुरलीधर उदासी जी, श्री मनोहर लाल उदासी जी, अजमेर से पधारे स्वामी रामप्रकाश जी, सभी संतों महात्माओं ने ईश्वर की उपासना कैसे करें, जीवन जीने की कला कैसी हो, जिससे हम मोक्ष के अधिकारी बन सके जीवन का कल्याण कर सके। नाम सिमरन, मंत्र जाप कैसे करें, ध्यान धारणा और समाधि की दिशा में कैसे आगे बढ़े आदि विषयों पर सभी संतों महात्माओं ने अपना अद्भुत ज्ञान प्रदान किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सहाय जी ने अपने उद्बोधन में पूज्य शदाणी दरबार की विभिन्न क्षेत्रों में किये जाने वाले सेवा कार्यों के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर माननीय विजय बघेल जी सांसद प्रत्याशी दुर्ग लोकसभा क्षेत्र तथा विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी जी, NCPSL न्यू दिल्ली के डायरेक्टर श्री रवि प्रकाश टेकचंदानी जी, तथा सदस्य श्री विश्व प्रकाश टेकचंदानी जी, श्री महेश दरयानी जी, श्री अमर परवानी जी, श्री अमित चिमनानी जी, श्री अमित जीवन जी, विश्व सिंधु सेवा संगम के अध्यक्ष राजू मनवाणी जी आदि वरिष्ठ समाजसेवी ने दर्शन लाभ लिया। कृष्णा नगर दिल्ली से श्री झूलेलाल मंडल भजन गायिकी के लिए विशेष रूप से पधारे।
महामृत्युंजय मन्त्र, इसकी उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ , पूर्ण सुनना आवश्यक है : https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA