बिलासपुर:- शिव शांति संत आसुदा राम आश्रम लखनऊ के संत सांई चांडूराम साहिब जी के बड़े सुपुत्र सांई मोहन लाल साहिब जी के प्रथम बार बिलासपुर आगमन पर दिव्य सत्संग समारोह का आयोजन किया गया सखी चालिहा साहिब महोत्सव के अवसर पर देशभर में सांई जी के द्वारा अलग-अलग प्रदेशों के शहरों में सत्संग की अमृत वर्षा करके भक्तों को निहाल कर रहे हैं इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी कई शहरों में सत्संग का आयोजन किया गया है बिलासपुर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ और सत्संग का कार्यक्रम का आयोजन धन गुरु नानक दरबार में किया गया सांई जी रात्रि 8:00 बजे दरबार साहब में पहुंचे उनका स्वागत भक्तों के द्वारा ढोल बाजे और आतिशबाजी के साथ किया गया संत बाबा आसुदा राम सेवा, महिला समिति के सदस्यों के द्वारा फूलों की वर्षा की गई सांई जी कि आरती कि गई सांई जी ने
दरबार साहब में पहुंचकर माथा ठेका कुछ समय ध्यान ,सिमरन में बैठे रहे तब पश्चात साथ में आई हुई भजन मंडली के द्वारा भक्ति भरे भजनों की शानदार प्रस्तुति दी राम नाम की धूनी लगाई गई अब वह घड़ी आ गई जिसका बिलासपुर कि साध संगत को इंतजार था सांई जी की अमृतवाणी में सत्संग सुनने का सांई जी ने अपनी अमृतवाणी में सत्संग में जो पहला शब्द कहा वो था
आए हुए सभी साध संगत को प्रणाम करते हैं,
क्योंकि कहते हैं भक्तों में ही भगवान वास करते हैं तो जब भी हम आते हैं तो भगवान को पहले दंडवत प्रणाम् करते हैं तो यहां पर भी आपके अंदर जो भगवान बैठे हैं उनको हम प्रणाम् करते हैं यह शरीर नश्वर है और आत्मा अमर है शरीर पांच तत्वों से बना है और मरने के बाद जब अंतिम संस्कार किया जाता है तब यह शरीर पांच तत्वों में वापस लीन हो जाता है पर आत्मा अमर है आत्मा कहीं नहीं जाती वह सिर्फ शरीर बदलती है पर जो अच्छी आत्मा होती है भक्ति भाव वाली आत्मा होती है उसे प्रभु अपने चरणों में स्थान देते हैं यह मानव जीवन सिर्फ सुख भोगने के लिए नहीं मिला है बड़े भाग्यशाली होते हैं वह लोग जिन्हें इंसान बनकर इस मृत्यु लोक में जन्म लेने का मौका मिलता है 84 लाख योनियों के बाद आप को मानोव जन्म मिला है वैसे तो इस पृथ्वी लोक में कई जानवर है जीव जंतु , पक्षी है लेकिन क्या वह भक्ति कर सकते हैं क्या वह भगवान का नाम जप सकते हैं नहीं सिर्फ इंसान ही एक ऐसा है जो भक्ति कर सकता है भगवान का नाम जप सकता है आप अपने नित्य नियम करें ग्रस्त जीवन को जीए लेकिन जीसके लिए आपको भगवान ने मृत्यु लोक में आपको भेजा है वह काम जरूर करें और वह है भक्ति सिमरन नाम की कमाई ,
गुरु जब बताते हैं सत्संग में तो कम से कम दो-चार बातों को ग्रहण करके उस पर अमल जरूर करें सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए सत्संग में आ ,गए
माथा टेक लिया प्रसाद लिया भंडारा खाया और चले गए,
पर उसमें कोई लाभ नहीं है लाभ तभी मिलेगा आपको आपके परिवार को जब आप सत्संग में आकर गुरु के बताए हुए बातों को ध्यान से सुनेंगे वह उस पर अमल करेंगे तभी आपका और आपके परिवार का उद्धार होगा वह यह लोक के साथ-साथ परलोक भी संवर जाएगा धन की कमाई के साथ-साथ राम नाम की भी कमाई करें
सांई जी ने 64 वां निर्वाण महोत्सव 15 सितंबर से 18 सितंबर को लखनऊ में आयोजन किया गया है दरबार साहब में सभी साध संगत को
आमंत्रण दिया इस महोत्सव में शामिल होने के लिए
सत्संग के आखिर में गुरु ग्रंथ साहब को भोग लगाया गया आरती की गई अरदास किया गया इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत सिंधी कॉलोनी व कई सामाजिक संस्थाओं, सिंधी युवक समिति के अध्यक्ष और पदाधिकारी के द्वारा सांई जी का सम्मान किया गया और स्वागत किया गया सांई जी ने भी आए हुए सभी अतिथियों का शाल पहनाकर सम्मान किया सभी साध संगत के लिए आम भंडारे का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में संत बाबा आसुदा राम सेवा समिति बिलासपुर के सभी सेवादारियों का विशेष सहयोग रहा इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्तजन, रायगढ़ खरसिया चांपा अकलतरा बिलासपुर कोरबा मुंगेली भाटापारा तिल्दा रायपुर से आए थे इस पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में घर बैठे लोगों ने आज के सत्संग का आनंद लिया
भवदीय
विजय दुसेजा
