बिलासपुर :- बिलासपुर में पहली बार संत महा सम्मेलन जिसका उद्देश्य आध्यात्म द्वारा श्रेष्ठ समाज की स्थापना विषय पर भारत के विभिन्न स्थानों से आए हुए संत, विद्वानों ने अपना वक्तव्य रखा,
कार्यक्रम में भारत के भिन्न भिन्न स्थानों से पधारे अतिथिगणों के क्रम में राजयोगी ब्रह्माकुमार रामनाथ भाईजी मुख्यालय कोऑर्डिनेटर धार्मिक प्रभाग, /आचार्य महामंडलेश्वर श्री कमलकिशोरजी, अध्यक्ष दिव्यशक्ति अखाड़ा ,उत्तरप्रदेश/ आचार्य श्रीवत्स महाराज श्री अयोध्यधाम उत्तरप्रदेश/ कथावाचक किशोरी आराध्या शर्माजी, भिलाई/ स्वामी परमात्मानंद गिरिजी, गौरेला पेंड्रा/ श्री त्यागी प्रेमदासजी महाराज, ब्रह्म बाबा मंदिर बिलासपुर/ राजयोगी ब्रह्माकुमार गोविंद भाईजी, मीडिया प्रभाग ज्ञानसरोवर माउंटआबू/ राजयोगिनी लक्ष्मी दीदीजी, कटनी/ राजयोगी नारायण भाईजी, जोनल कोऑर्डिनेटर, इंदौर जोन/ ढाल सिंह जी, संपादक (पत्रिका) बिलासपुर / साध्वी प्रज्ञा भारतीजी मध्यप्रदेश/ महापौर पूजा विधानी जी सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन परमात्मा शिव के ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया,


स्वागत भाषण में राजयोगी नारायण भाईजी ने संस्कार परिवर्तन एवं विचार परिवर्तन द्वारा भारत को पुनः आध्यात्मिक गुरु बनाने संकल्प लिया, महामंडलेश्वर आचार्य कमलकिशोरजी ने आध्यात्मिक जागरण द्वारा स्वर्णिम भारत का निर्माण करने का आह्वान किया गया, अध्यक्षीय उद्बोधन में राजयोगी रामनाथ भाईजी ने कहा कि मनजीत जगजीत अर्थात हमे अपने मन को जितना होगा हमारा सुख या दुख का कारण हमारे मन की स्थिति है, जिसे हम अपने आध्यात्मिक जागृति के द्वारा ही श्रेष्ठ बना सकते हैं तथा स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन होगा। मध्यप्रदेश से पधारी साध्वी प्रज्ञाभरतीजी ने विश्व में शांति स्थापना हेतु आध्यात्मिक जागरण के लिए ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अथक प्रयासों की सराहना की एवं उसका अनुसरण करने का आह्वान किया


। गौरेला पेंड्रा से पधारे स्वामी परमानंदगिरी जी ने पुनः रामराज्य की संकल्पना के लिए अध्ययकता को जीवन में आचरण में धारण करने कहा, साथ पधारे हुए सम्माननीय संत महात्माओं ने विश्व में। शांति स्थापना हेतु पुनः आध्यात्मिक जागरण का आह्वान किया। उक्त कार्यक्रम में विभिन्न सेवाकेंद्रों की प्रमुख राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दीदियां आदरणीया रमा दीदी, मंजू दीदी, स्वाती दीदी ने अपनी शुभकामनाएं दी।