रायपुर। श्री दुर्गा माता मंदिर, मढ़ी लिली चौक, पुरानी बस्ती रायपुर में सावन माह के प्रथम सोमवार के अवसर पर पहली बार सिंधी भाषा में शिव कथा अमृत का शुभारंभ हुआ।
सावन माह के प्रथम सोमवार को कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कथा का आयोजन महंत सतगुरु अनंतपुरी
गोस्वामी जी के सानिध्य में किया जा रहा है। कथा वाचन के लिए गंगा धाम संत नगर, भोपाल से पधारे महंत तुलसीदास उदासी का मंदिर समिति की ओर से भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित कोमल शर्मा द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात गोल्डी कुकरेजा ने महंत तुलसीदास जी का पुष्पमाला एवं तिलक लगाकर अभिनंदन किया।
कथा के प्रथम दिन महंत तुलसीदास उदासी ने कहा कि “सच्चा सुख हरि की भक्ति, राम कथा, कृष्ण कथा एवं संतों के सत्संग में है। सांसारिक सुख क्षणिक होता है, जबकि ईश्वर की भक्ति मनुष्य को शाश्वत आनंद प्रदान करती है।” उन्होंने भगवान शिव एवं श्रीराम के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव स्वयं श्रीराम की कथा सुनने के लिए ऋषियों के आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने हरि भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाते हुए कहा कि भगवान सब कुछ दे सकते हैं, लेकिन सच्ची भक्ति दुर्लभ है और वही जीवन का सबसे बड़ा धन है।
कथा के दौरान महंत तुलसीदास जी ने भक्ति रस से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति भी दी, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होने वाली इस कथा में शिव महापुराण एवं रामायण के भगवान शिव से जुड़े प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया गया।
कथा के समापन पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। महंत सतगुरु अनंतपुरी गोस्वामी जी ने सावन माह के प्रथम सोमवार की सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने का आग्रह किया।
पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया, जिसे हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे देखा। आयोजन को सफल बनाने में दुर्गा माता मंदिर के सभी सेवादारों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का कवरेज करने हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा भी उपस्थित रहे।
