डॉ. बी. एल. मिश्रा, सेवानिवृत्त क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, रीवा संभाग ने बताया कि हर 365 दिवस में हम नए वर्ष में प्रवेश करते हैं। भारत में अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार 1 जनवरी तथा हिंदू पंचांग अनुसार चैत्र मास से नव वर्ष की शुरुआत होती है। नव वर्ष के अवसर पर बच्चों एवं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
नव वर्ष को उत्सव की तरह मनाते हुए परिवार, समाज एवं राष्ट्र की प्रगति के लिए यह आवश्यक है कि हम स्वस्थ परंपराओं को अपनाएं, ताकि खुशियां कभी दुःख में परिवर्तित न हों। 31 दिसंबर से 1 जनवरी की मध्यरात्रि तक चलने वाली गतिविधियों में विशेष सावधानी बरतें। युवा वर्ग शाम 7 बजे के बाद अत्यावश्यक कार्य को छोड़कर दोपहिया व चारपहिया वाहन न चलाएं तथा मोटर व्हीकल एक्ट का पालन करें।
नव वर्ष दिवस को पूरे वर्ष 2026 के लिए मॉडल दिवस के रूप में मनाएं। सभी लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठें, स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, 30 मिनट योग या व्यायाम करें। अपने ईष्ट देवता, माता-पिता, गुरुजन एवं बुजुर्गों का आशीर्वाद लें। घर या मोहल्ले के मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाएं। अत्यधिक भीड़ वाले पर्यटन या धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें।
तम्बाकू, धूम्रपान एवं शराब का पूर्णतः त्याग करें। न स्वयं सेवन करें, न मेहमानों को परोसें और न ही घर में रखें। नव वर्ष में तम्बाकू मुक्त समाज का संकल्प लें। परिवारजनों एवं मित्रों के साथ मिलकर नाश्ता, भोजन व रात्रि भोज की योजना बनाएं।
शीतलहर को ध्यान में रखते हुए ठंड से बचाव करें, विशेषकर बच्चों एवं बुजुर्गों का। बाजार की तली-भुनी वस्तुएं, फास्ट फूड एवं डिब्बाबंद भोजन से परहेज करें। भोजन में सलाद, हरी सब्जियां, मौसमी फल, दही, मोटा अनाज एवं अंकुरित अन्न शामिल करें। नजदीकी पार्क में बच्चों व मित्रों के साथ गीत-संगीत व नृत्य का आनंद लिया जा सकता है। कर्ज लेकर कोई भी आयोजन न करें।
वर्ष के प्रथम दिवस प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक सभी लोग अपने-अपने कार्यस्थल पर ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करें। छात्र विद्यालय जाएं, व्यापारी दुकान खोलें, कृषक खेत में और कर्मचारी कार्यालय अवश्य जाएं। यह दिन पूरे वर्ष के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा।
यदि परिवार में कोई सदस्य उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग या अन्य बीमारी से पीड़ित है तो चिकित्सकीय परामर्श अनुसार दवाइयां नियमित लें। सभी अपने मित्रों, पड़ोसियों एवं रिश्तेदारों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करें।
(डॉ. बी. एल. मिश्रा)