विजय की ✒कलम
देश/ विदेश :- हाल ही में जो घटना घटी है उसे देखकर अब यही लग रहा है कि दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह अगर कोई है तो वह है डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति अभी तक इराक ईरान अफगानिस्तान जर्मनी पाकिस्तान जैसे देश के शासन सी अध्यक्ष वी कुछ राजनीतिक नेताओं को ही तानाशाह की श्रेणी में रखा गया था और कहा जाता था और सही भी था पर इन सबको पीछे छोड़ते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो का नमक करके दिखाया है वह वाकई में है एक अजूबा है और सोचने वाली बात भी है कि लोकतंत्र में इस तरह की हरकतें क्या उचित है वेनेजुएला के राष्ट्रपति को रात को उसके घर से उसकी पत्नी सहित जबरदस्ती उठा के लाकर अपने देश में काल कोठरी में डाल दिया किस लिए क्योंकि वह अमेरिकी कंपनियों को तेल निकल नहीं दे रहा था इसलिए अमेरिकी कंपनियों के फायदे के लिए अपने फायदे के लिए उन्होंने इस तरह कार्य किया अगर किसी आतंकवादियों को उठाकर लता तो समझ में आता हमें पाकिस्तान में ढेर सारा आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं

उन्होंने न जाने कितने लोगों की हत्या की है भारत में वह अन्य देशों में भी आयोजन आतंकवादी घटनाओं में इनका हाथ है सबूत भी है सब कुछ है फिर भी अमेरिका इनको कुछ नहीं कहता अगर आतंकवादी को उठाकर लता पाकिस्तान से तो हमें और पूरे विश्व को खुशी होती पर इसने वह कामना करके अपने हित के लिए जो काम है वह काम किया ओके चुनाव में इसको तेल कंपनियों ने फंडिंग की थी इसीलिए उनको खुश करने के लिए उनको ठोका दिलवाने के लिए और अपने इशारों में नाचने वाली सरकार में अपना आदमी फेस करने के लिए ऐसा कार्य किया है और यह हर जगह कर रहा है सिर्फ एक जगह नहीं है जहां-जहां पर अमेरिका अपने ही तक बात सोच रहा है दुल्हन तरफ वहां पहुंच जा रहा है चाहे वह सैन्य ताकत का मामला हो चाहे वह तारीफ का मामला हो धरा धाम कम कर देखो को दबा कर रखना चाहता है भारत पर भी इसमें ऐसा ही किया पर शुरुआत में मोदी जी नहीं चुके एकदम तान के खड़े रहे पर कहीं ना कहीं आज लग रहा है कि मोदी जी भी कुछ ना कुछ 20% 25% रुक गए हैं ओके दूर से तेल लेना कम कर दिया और इस घटना की निंदा भी नहीं की गई अगर भारत को सच्चाई के नाम में धर्म के राह में और विश्व कल्याण के राह में चलना है तो ऐसे करते को जो गलत है उसकी आलोचना करनी होगी और खुलकर करनी होगी और जो भारत के सहयोगी देश है साथी देश है दोस्त है उन सबको लेकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी संयुक्त राष्ट्र में भी क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ऐसा करके अन्य जो बड़े देश है उनको एक राहत दिखा दिए कि वह भी अपने नीचे छोटा देश को दबाने के लिए ऐसा कर सकते हैं वहां पर अपनी सरकार बैठने के लिए फिर तीसरा युद्ध होने में टाइम नहीं लगेगा और लोकतंत्र खत्म हो जाएगा फिर यह वही बात हो गई की एक ताकतवर कमजोर को ऊपर राज्य करेगा पर यह दिखाने के लिए लोकतांत्रिक रहेगा लेकिन असल में राज अमेरिका का रहेगा इस तानाशाही का पूरे विश्व के लोकतांत्रिक देश को खुलकर विरोध करना चाहिए खासकर भारत को आगे आना चाहिए ऐसा ही एक व्यक्ति बिलासपुर में भी है पीके जो वह भी एक तानाशाह की तरह कार्य कर रहा है समझ में कई सालों से वार्डों में अपने मुखिया बनने के लिए इसी तरह जोर जबरदस्ती आना चाहिए करके दबाना दम दम बेड अपनाना इसका तरीका है अगर किसी भी तरह वार्ड में अपना मुख बैठ जाए और केंद्र के चुनाव में हमें वोट मिल जाए तक केंद्र की कुर्ती हमारी मजबूत रहे और कोई भी हमारे खिलाफ आवाज ना उठा सके और यह भी अपने साथियों के फायदे के लिए कार्य करता है इसीलिए बड़े-बड़े धन्ना से इसके अधीन रहते हैं कोई कुछ बोलना नहीं सबको ठेके मिले हुए हैं सबको कम मिलता है सबको हिस्सा मिलता है तो सब चुप रहते हैं और जो जानते हैं मिडिल क्लास वह बोलते हैं तो उन्हें चुप कर दिया जाता है कम दाम बेड अपना कर नेता नेता और अफसर को भी खुश करके रखा है लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव भी नहीं होते हैं और अपना ही ऐसे आदमी को जमीन आदमी खड़ा करते हैं जो उनकी जी हजूरी में हजूरी करें जैसा वह चाहे वैसा काम करें यहां तक के कुछ जो इसके खिलाफ आवाज उठाते थे उन्हें भी चुप कर दिया गया और जो फर्जी पत्रकार थे उनको खुश करके मोटी रकम देख अपने पाले में कर दिया पर जो ईमानदार पत्रकार है और जो समाज हित की बात करता है और आज भी कर रहा है लड़ रहा है उसे वह खरीद नहीं पा रहा है काम दंड भेद सब अपना लिया कोर्ट कचहरी पुलिस थाना संत महात्मा नेता अभिनेता सब कुछ कर लिया रायपुर से लेकर दिल्ली तक पहुंच लगा लिया पर उसे ईमानदार पत्रकार का बाल भी बांका नहीं कर पाया और वह तो साफ कहता है कि अगर भाई हम गलत है तो सजा दो सबके सामने सजा दो साबित करो तो चुप हो जाते हैं सब उन्हीं के लोग कहते हैं कि भाई हम जानते हैं कि ऊपर बैठा बड़ा चोर है लेकिन हम उसे कर नहीं कह सकते क्योंकि वह अपने चोरी का हिस्सा हमें भी कुछ देता है खिला पिलाता है तो इसीलिए हम कुछ नहीं बोल सकते हम जानते हैं और तानाशाही कर रहा है गलत रहा अपना रहा है और आप सच बोल रहे हो समाज हित के बात कर रहे हो पर क्या करें उसे कुछ बोलेंगे तो हमारा धंधा बंद हो जाएगा गंदा है पर धंधा है और हमारे बाल बच्चे भी बैठे हैं उनके शादी करनी है यह उसमें वारंगल आएगा तो जब तक यह मार नहीं जाएगा ना तब तक काम नहीं होगा तो मैंने कहा इसकी क्या गारंटी है यह मर जाएगा तो जो दूसरा बैठेगा वह इसके यहां पर नहीं चलेगा तो किसके अगल-बगल में जो चांडाल चौकड़ी दिख रही है सब तो वही दिख रहे हैं मुझे सबको खून मुंह में लग चुका है हराम के खाने की आदत हो चुकी है तो वह क्या गारंटी है कि सत्य की राह पर चलेंगे धर्म के राह पर चलेंगे समाज हित के कार्य करेंगे मैंने कहा आज भी मेरी लड़ाई व्यक्ति से नहीं उनकी नीतियों से है अगर वह धर्म के राह पर चलते हैं सत्य की राह पर चलते हैं सामाजिक के कार्य करते हैं तो मुझे कोई परेशानी नहीं है मैं खुशी-खुशी उनके साथ दूंगा उनकी जय जयकार करूंगा पर यह उल्टा कार्य कर रहे हैं तो मैं इनका साथ नहीं दूंगा अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा सत्य के लिए धर्म के लिए समाज हित के लिए जिस पैसे के बल पर इतना घमंड है उसका एक पैसा भी अपने साथ नहीं ले जा पा सकता जितनी प्रॉपर्टी है उसका 1 इंच जमीन भी अपने साथ नहीं ले जा पाएगा जो ले जाएगा वह अच्छे कर्म ही उसके साथ जाएंगे छोटी सी बात अगर इनके भेजे में नहीं बैठ रही है तो वह विनाश काले विपरीत बुद्धि वाला कार्य कर रहे हैं अंत तो होना तय है इनका आज नहीं तो कल पर निश्चित इसके करने के बाद लोग खुशियां मनाएंगे जैसे रावण मारा था कंस मारा था और कई आतंकवादी नक्सलवादी और पापी लोग मरते हैं लोग खुश होते हैं इसके करने पर भी खुशी मनाएंगे दुख नहीं होगा उनको की एक तानाशाह खत्म हुआ तो ऐसा कार्य न करके अभी भी समय है 2026 में अपने किए गए गलत कार्य को पूर्ण रावत जी ना करके हुए सत्य की राह पर चले धर्म के राह पर चले समाज हित के लिए कार्य करें तो उसका भला होगा और साथ में उसके कल का भी भला होगा समाज का भी भला होगा और जो चांडाल चौकड़ी और जो लोग उसका साथ दे रहे हैं किसी भी वक्त चाहे वह डर के मारे चाहे वह लोग के मारे चाय पढ़ते के मारे चाहे पैसे के मारे याद रखें पाप का साथ देने वाला भी पापी कहलाता है और उसे भी उसे उतनी सजा को कुछ नहीं पड़ेगी जिसे उसे जरूरत नहीं पड़ेगी हम कल भी सत्य के लाभ पर थे आज भी हैं आने वाले कल के काल में भी सत्य की राह पर चलते रहेंगे धर्म के राह पर चलते रहेंगे लोगों को जगाते रहेंगे सच का आईना दिखाते रहेंगे सच के लिए सामाजिक के लिए देश के लिए लिखते रहेंगे लड़ते रहेंगे बोलते रहेंगे
जय भारत मां जय छत्तीसगढ़
संपादकीय