पांच माह में 14 हजार से अधिक चालान, ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई
- सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि और यातायात नियमों की अनदेखी को देखते हुए बिलासपुर यातायात पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी प्रणाली की मदद से यातायात पुलिस अब हर गतिविधि पर नजर रख रही है। शहर में स्थापित 550 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी और एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे चौबीसों घंटे सक्रिय हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड राडार गन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के कुल 14,372 मामलों में कार्रवाई की गई है। इनमें 4,809 वाहन चालक निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाते पाए गए, जबकि 9,567 मामलों में जल्दबाजी, खतरनाक और लापरवाह ड्राइविंग दर्ज की गई। सभी मामलों में ऑनलाइन चालान जारी कर वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं।
तकनीक के जरिए हो रही चौबीसों घंटे निगरानी
यातायात पुलिस का कहना है कि अब नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का बच निकलना आसान नहीं है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त बाजार क्षेत्रों, मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगे कैमरे हर वाहन की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। एएनपीआर तकनीक के माध्यम से वाहन नंबर स्वतः पहचान लिए जाते हैं और नियम उल्लंघन होने पर सीधे ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंटरसेप्टर वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। इन वाहनों में लगे अत्याधुनिक स्पीड राडार उपकरण निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है ओवरस्पीडिंग
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण हैं। कई बार कुछ सेकंड की जल्दबाजी लोगों की जान पर भारी पड़ जाती है। यही वजह है कि पुलिस विभाग अब दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
स्टंटबाजों और रील बनाने वालों पर विशेष नजर
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में कई युवक सार्वजनिक सड़कों पर बाइक स्टंट और खतरनाक करतब करते हुए रील बनाते देखे गए हैं। यातायात पुलिस ने ऐसे लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि सड़क को मनोरंजन या प्रदर्शन का मंच बनाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्टंट करने, वाहन से करतब दिखाने, रील बनाने के लिए ट्रैफिक बाधित करने अथवा दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ केवल चालान ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। गंभीर मामलों में प्रकरण न्यायालय भेजे जा रहे हैं ताकि दोषियों को अधिकतम कानूनी दंड मिल सके।
जिम्मेदार ड्राइविंग ही सुरक्षा की कुंजी
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन न चलाएं तथा नशे की स्थिति में वाहन चलाने से पूरी तरह बचें। सड़क पर अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
सुरक्षित शहर की दिशा में बड़ा कदम
550 कैमरों की निगरानी, इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती और ऑनलाइन चालान व्यवस्था के माध्यम से बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यदि नागरिक नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और अनेक अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।”रफ्तार पर नियंत्रण ही सुरक्षा का सबसे बड़ा मंत्र है। कुछ मिनट पहले पहुंचने की जल्दबाजी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है।” यही संदेश देते हुए यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की है।
