
बिलासपुर, 19 जून। ब्रह्माकुमारीज़ ओम शांति सरोवर, उसलापुर (मुंगेली रोड), बिलासपुर में आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउंट आबू से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बीके मनीषा बहन ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं स्वास्थ्यवर्धक व्यायामों का अभ्यास कराते हुए उनके लाभों की विस्तृत जानकारी दी।डॉ. बीके मनीषा बहन ने प्रतिभागियों को ताड़ासन, वज्रासन, भद्रासन, मंडूकासन, शशांकासन एवं शवासन का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि ताड़ासन शरीर के संतुलन एवं रीढ़ की मजबूती के लिए लाभकारी है, वज्रासन पाचन तंत्र को सुदृढ़ करता है, मंडूकासन मधुमेह एवं पाचन संबंधी समस्याओं में सहायक है, शशांकासन मानसिक तनाव को कम कर मन को शांति प्रदान करता है तथा शवासन शरीर और मन को गहन विश्राम देकर थकान एवं तनाव को दूर करता है।इसके साथ ही प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, शीतली एवं कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। उन्होंने बताया कि अनुलोम-विलोम शरीर में प्राण ऊर्जा का संतुलन बनाता है, भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव एवं चिंता को कम करता है, शीतली प्राणायाम शरीर एवं मन को शीतलता प्रदान करता है तथा कपालभाति श्वसन तंत्र को मजबूत बनाकर शरीर की शुद्धि में सहायक होती है।विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं घुटनों की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए घुटनों को मजबूत एवं लचीला बनाने वाली विभिन्न एक्सरसाइज भी कराई गईं। डॉ. मनीषा बहन ने बताया कि नियमित व्यायाम एवं योगाभ्यास से जोड़ों में लचीलापन बढ़ता है, दर्द में राहत मिलती है तथा शरीर सक्रिय एवं ऊर्जावान बना रहता है।इस अवसर पर उसलापुर सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके छाया दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का महत्व बताते हुए कहा कि स्वयं के मन और बुद्धि पर संतुलन बनाना, मन को सदा सकारात्मक एवं श्रेष्ठ विचारों पर एकाग्र रखना तथा परमात्म प्रेम से स्वयं को भरकर उसके निकट संबंध का अनुभव करना ही सहज योग है। उन्होंने कहा कि जब मन परमात्मा की याद में स्थिर हो जाता है, तब जीवन में शांति, शक्ति और आनंद की अनुभूति स्वाभाविक रूप से होने लगती है।दीदी ने सभी प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए गहन शांति की अनुभूति कराई। ध्यान के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों ने मन की एकाग्रता, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह योग महोत्सव 21 जून तक प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 7:00 बजे तक जारी रहेगा।ईश्वरीय सेवा में बी के छाया
