
बिलासपुर। जिले के कोटा विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत एक दर्दनाक हादसे में बिजली सुधार कार्य कर रहे संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। विद्युत वितरण कंपनी ने चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा कीघटना बुधवार दोपहर गढ्ढापारा स्थित आईटीआई कॉलेज के समीप हुई, जहां बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार ग्राम अमाली निवासी नीलकमल भारद्वाज (25 वर्ष), पिता रामकृष्ण भारद्वाज, एक निजी ठेकेदार के माध्यम से विद्युत लाइन मरम्मत का कार्य करता था। क्षेत्र में बिजली बंद होने की शिकायत मिलने पर वह अपनी टीम के साथ सुधार कार्य के लिए मौके पर पहुंचा था।नीलकमल बिजली के खंभे पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहा था। इसी दौरान अचानक लाइन में विद्युत प्रवाह शुरू हो गया, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोटा पुलिस और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं तथा लाइन में अचानक विद्युत प्रवाह कैसे शुरू हुआ। विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े ने बताया कि मृतक ठेकेदार के अधीन कार्यरत संविदा कर्मी था। विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त नियमानुसार अन्य देय सहायता भी प्रदान की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर बिजली मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर अपनाई जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
