
विश्व युवा कौशल दिवस पर युवाओं को आत्मबल का संदेश
बिलासपुर, 15 जुलाई।विश्व युवा कौशल दिवस** के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के शिव अनुराग भवन, राजकिशोर नगर में नियमित आध्यात्मिक कक्षा में युवाओं के लिए आयोजित विशेष प्रेरणादायी सत्र में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि आज के समय में केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि *आत्मबल भी सफलता का सबसे बड़ा कौशल है। आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों से युक्त युवा ही जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ व्यक्ति को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाने का अवसर देती हैं। जिस प्रकार किसी विशाल वृक्ष की शक्ति उसकी गहरी जड़ों में होती है, उसी प्रकार मनुष्य की वास्तविक शक्ति उसके संस्कार, चरित्र और आत्मबल में होती है। राजयोग मेडिटेशन मन को स्थिरता, स्पष्ट सोच और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है।
दीदी ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए बताया कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने आत्मविश्वास, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर सही निर्णय लेने की क्षमता के बल पर विश्वभर में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानें, निरंतर स्वयं को विकसित करें तथा आध्यात्मिक मूल्यों के साथ अपने कौशल का विकास कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
