
भोपाल। संत नगर के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि श्री गंगा धाम उदासीन दरबार, संत नगर (भोपाल) के महंत स्वामी तुलसीदास जी उदासी को पहली बार अपने आश्रम से बाहर किसी अन्य नगर में कथा करने का आमंत्रण प्राप्त हुआ है। उनकी बढ़ती लोकप्रियता एवं सरल, सारगर्भित कथा शैली के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित सात दिवसीय ‘शिव कथा अमृत’ में कथा वाचन हेतु आमंत्रित किया गया है।
यह आयोजन 3 अगस्त से 9 अगस्त तक पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री दुर्गा मंदिर (मढ़ी), पुरानी बस्ती, रायपुर में महंत गोस्वामी अनंतपुरी जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा।
विशेष बात यह है कि यह कथा सिंधी भाषा में प्रस्तुत की जाएगी। रामचरितमानस के आधार पर भगवान शिव के दिव्य चरित्र का सिंधी भाषा में यह प्रस्तुतीकरण संभवतः छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा आयोजन होगा, जिसमें शिव चरित्र का संगीतमय कथागायन किया जाएगा।
स्वामी तुलसीदास जी की कथा शैली अत्यंत सरल, सरस और भावपूर्ण मानी जाती है। वे कथा के साथ मधुर भजनों का समावेश कर श्रोताओं को आध्यात्मिक रस में डुबो देते हैं। इस आयोजन में उनके साथ उनके सहयोगी संगीत कलाकार भी रहेंगे, जो कथा को और अधिक प्रभावशाली एवं भक्तिमय बनाएंगे।
संत नगर एवं श्री गंगा धाम उदासीन दरबार से जुड़े श्रद्धालुओं ने इस आमंत्रण को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया है तथा विश्वास व्यक्त किया है कि यह आयोजन सिंधी समाज सहित सभी श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव सिद्ध होगा।
