“सच्चा व्यक्ति वही है जो न किसी से डरता है और न किसी को डराता है”
रायपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री दुर्गा माता मंदिर मढ़ी, लिली चौक, पुरानी बस्ती रायपुर में महंत सतगुरु अनंतपुरी गोस्वामी जी के सानिध्य में आयोजित शिव कथा अमृत का आयोजन निरंतर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में जारी है। प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक कथा, आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यासपीठ पर गंगा धाम संत नगर, भोपाल के महंत तुलसीदास उदासी जी अपनी अमृतवाणी से श्रद्धालुओं को शिव महिमा का रसपान करा रहे हैं।
कथा के तीसरे दिन महंत तुलसीदास उदासी जी ने दैवी सम्पदा का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची निर्भयता वही है जिसमें व्यक्ति न स्वयं किसी से डरे और न किसी को डराए। उन्होंने कहा कि मां पार्वती श्रद्धा का स्वरूप हैं तथा भगवान शिव विश्वास का रूप हैं। विश्वास अनेक लोगों पर किया जा सकता है, लेकिन श्रद्धा केवल उसी पर होनी चाहिए जो सत्य, न्याय, नीति और धर्म के मार्ग पर चलाकर आत्मा का परमात्मा से मिलन कराए।
उन्होंने कहा कि गृहस्थ आश्रम को श्रेष्ठ आश्रम माना गया है, किंतु वह तभी सुखमय बनता है जब उस घर में संतों का आगमन और सत्संग होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि सच्चे सतगुरु की पहचान करें। उन्होंने कहा कि दिखावे में नहीं बहना चाहिए, क्योंकि हर चमकने वाली वस्तु हीरा नहीं होती और हर पीली धातु सोना नहीं होती। उसी प्रकार हर गुरु सच्चा संत नहीं होता। भक्त बनें, अंधभक्त नहीं। जिस प्रकार सच्चा सतगुरु अपने शिष्य की परीक्षा लेता है, उसी प्रकार शिष्य को भी विवेकपूर्वक गुरु की पहचान करनी चाहिए।
महंत जी ने कहा कि सच्चा सतगुरु स्वयं भवसागर से पार होता है और अपने शिष्यों को भी पार लगाने की क्षमता रखता है। उन्होंने अपने प्रवचन के दौरान कई भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया तथा विश्व शांति एवं जनकल्याण की प्रार्थना की गई। कथा का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसका हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे लाभ उठाया।
इस अवसर पर कृष्ण धाम कालीबाड़ी रायपुर के भाई साहब सुदामा भैया विशेष रूप से कथा श्रवण करने पहुंचे। उन्होंने महंत सतगुरु अनंतपुरी गोस्वामी जी से भेंट कर कहा कि सावन माह में पहली बार सिंधी भाषा में शिव कथा अमृत सुनने का सौभाग्य रायपुरवासियों को प्राप्त हो रहा है, जो अत्यंत प्रेरणादायक एवं ऐतिहासिक पहल है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। वहीं पूरे आयोजन का समाचार कवरेज करने हेतु हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
