– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में हाथियों की भारी मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व दहशत और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। वन मंडल के अलग-अलग जंगलों और गांवों में लगभग 50 हाथियों का एक बड़ा दल लगातार विचरण कर रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
गांवों में दहशत और वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप
हाथियों की इस अनवरत आवाजाही और उनके रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचने के कारण ग्रामीणों में ऐसा खौफ है कि वे रात के समय अपने घरों से बाहर निकलने में भी बुरी तरह सहम रहे हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत, पसान रेंज के अंतर्गत आने वाले अड़सरा गांव में हाथियों का झुंड अचानक आ धमका और उन्होंने एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत यह रही कि इस झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिसकी वजह से हाथियों ने बस्ती के ज्यादा भीतर प्रवेश नहीं किया। अड़सरा गांव के पास ही बम्हनी नदी बहती है, जिसके ठीक आगे मरवाही वन मंडल की सीमा शुरू होती है। हाथियों ने इसी नदी को पार किया और वापस जंगल की ओर निकल गए। इस दौरान अड़सरा के ग्रामीणों ने एकजुट होकर भारी शोरगुल किया और हाथियों को सफलतापूर्वक जंगल की तरफ खदेड़ा। कटघोरा वन मंडल के अन्य हिस्सों में भी हाथियों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। केंदई और जटगा रेंज में हाथियों का यह दल लगातार घूम रहा है, वहीं करतला रेंज के लबेद जंगल में अभी भी करीब 15 हाथी डटे हुए हैं। हालांकि, कुदमुरा रेंज से एक राहत भरी खबर सामने आई है जहां एक दंतैल हाथी रविवार की रात वापस धरमजयगढ़ वन मंडल की ओर लौट गया, जिससे स्थानीय लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। हाथियों का यह पूरा दल मुख्य रूप से किसानों की लहलहाती धान की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे अन्नदाताओं की आर्थिक चिंताएं और परेशानियां दोनों अत्यधिक बढ़ गई हैं। इस गंभीर और बार-बार पैदा होने वाली समस्या को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। कोटमरा बस्ती और आसपास के ग्रामीण खुलकर विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि विभाग को इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि जन-धन और फसलों के भारी नुकसान को हमेशा के लिए रोका जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने गांवों के इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और हाथियों की सतत निगरानी बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई है।
## – स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। गांवों में मुनादी कराई जा रही है ताकि ग्रामीण हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और पूरी तरह सतर्क रहें। विभाग की विशेष टीमें हाथियों की हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर रही हैं और उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से सुरक्षित रूप से दूर, घने जंगलों की तरफ खदेड़ने के प्रयास लगातार जारी रखे हुए हैं।
– डिविजनल वन परिक्षेत्र अधिकारी ( कोरबा )
