रायपुर। शहर की प्रथम नागरिक महापौर मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ की बेटी के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर भाजपा कार्यकर्ता मोनू आहूजा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तर्क-वितर्क होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी भी बहस में भाषा की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
मोनू आहूजा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों के प्रति असहमति या विरोध व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि शहर की प्रथम नागरिक महापौर मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ की बेटी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए और सार्वजनिक संवाद की गरिमा बनी रहे।
भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा से सामाजिक वातावरण खराब होता है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थाओं और प्रशासन को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वे वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद में संयम और सम्मान की भावना बनाए रखें।
भवदीय
विजय दुसेजा
