बिलासपुर। सावन के पावन महीने के समापन के बाद शहर में अब गणेशोत्सव की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। कुछ दिन पहले जहां शहर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम रही, वहीं अब “गणपति बप्पा मोरया, एकदंत दयावंत” के जयघोष से बिलासपुर भक्तिमय होने लगा है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर भगवान श्री गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं की बिक्री शुरू हो गई है।
इसी कड़ी में बिलासा चौक के पास टिकरापारा निवासी राजू भाई द्वारा भगवान गणेश की एक से लेकर छह फीट तक की सुंदर एवं मनमोहक मिट्टी की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इन मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से लेकर 11 हजार रुपये तक है।
‘हमर संगवारी’ से विशेष बातचीत में राजू भाई ने बताया कि वे पिछले करीब 8 वर्षों से गणेश प्रतिमाओं के निर्माण एवं विक्रय का कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने कोलकाता, रायपुर और बिलासपुर के स्थानीय कलाकारों से भी गणेश प्रतिमाएं मंगवाई हैं। खास बात यह है कि उनके यहां उपलब्ध अधिकांश प्रतिमाएं पूरी तरह मिट्टी से निर्मित हैं।
उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है। विसर्जन के बाद मिट्टी पानी में आसानी से घुल जाती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की संभावना कम रहती है। इसी सोच के साथ इस वर्ष विशेष रूप से कोलकाता से मिट्टी की आकर्षक गणेश प्रतिमाएं मंगाई गई हैं।
महंगाई के बावजूद भक्तों में उत्साह
राजू भाई के अनुसार इस वर्ष मूर्तियों के दाम में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके बावजूद भक्तों में गणेश प्रतिमाओं को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचकर अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा खरीद रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बड़ी प्रतिमाओं में से कई लगभग बुक हो चुकी हैं, जबकि दो से तीन फीट की मध्यम आकार की प्रतिमाओं के साथ छोटी प्रतिमाएं भी अभी उपलब्ध हैं। लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
गणेशोत्सव को लेकर शहरवासियों में दिखाई दे रहा उत्साह यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर में भी लोग अपनी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को महत्व दे रहे हैं। मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं की बढ़ती मांग इसी सकारात्मक सोच का उदाहरण है।
