60-70 महिलाओं का समूह घर-घर पहुंचकर कर रहा है जागरूकता, नशे से पीड़ित परिवारों को दे रहा नई राह
पामगढ़ जिला चांपा जांजगीर:- आमतौर पर कमांडो का नाम सुनते ही सुरक्षा व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियान और विशेष सुरक्षा बलों की तस्वीर सामने आती है। लेकिन पामगढ़ क्षेत्र में महिलाओं ने कमांडो शब्द को एक अलग और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए गांव की सुरक्षा तथा नशामुक्ति के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। यहां लगभग 60 से 70 महिलाओं का महिला कमांडो समूह गठित किया गया है, जो गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सेवा कार्य भी कर रहा है।
महिला कमांडो समिति की अध्यक्ष अनुभा दिनकर ने हमर संगवारी से खास बातचीत में बताया कि गांव के सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों के प्रोत्साहन से इस समूह के गठन की पहल हुई। इसका मुख्य उद्देश्य गांव में सामाजिक सुरक्षा का वातावरण तैयार करना और लोगों को नशे जैसी बुराई से दूर करना है।
महिला कमांडो की सदस्य ऐसे परिवारों तक पहुंचती हैं, जहां कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है। वे परिवार के सदस्यों से बातचीत कर नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करती हैं और संबंधित व्यक्ति को नशा छोड़कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। महिलाओं का प्रयास रहता है कि नशे की वजह से किसी परिवार की खुशियां प्रभावित न हों।
समूह की सदस्य केवल नशा करने वालों को ही जागरूक नहीं करतीं, बल्कि नशे की सामग्री बेचने वाले लोगों से भी संपर्क कर उन्हें ऐसा कार्य छोड़ने के लिए समझाती हैं। उनका कहना है कि ऐसा कारोबार न केवल दूसरे परिवारों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अंततः समाज के लिए भी गंभीर समस्या बनता है। वे ऐसे लोगों को वैकल्पिक और सम्मानजनक व्यवसाय की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
महिला कमांडो का कार्य केवल नशामुक्ति अभियान तक सीमित नहीं है। किसी परिवार में दुख, परेशानी या आवश्यकता होने पर समूह की महिलाएं वहां पहुंचकर सहयोग एवं सेवा कार्य भी करती हैं। अपने गांव के अलावा आसपास के गांवों से सूचना या बुलावा मिलने पर भी महिलाएं वहां पहुंचकर जागरूकता और सामाजिक सेवा में अपनी भूमिका निभाती हैं।
अध्यक्ष अनुभा दिनकर के अनुसार, लगातार किए जा रहे प्रयासों से कई परिवारों में सकारात्मक बदलाव आया है और नशे से दूर रहने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। महिला कमांडो का मानना है कि नशामुक्त समाज के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समझाइश, जागरूकता, संस्कार और परिवार का सहयोग भी जरूरी है।
शासन से सहयोग की अपेक्षा
महिला कमांडो समूह का कहना है कि जिस तरह पामगढ़ क्षेत्र में महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा और नशामुक्ति की दिशा में पहल की है, उसी तरह छत्तीसगढ़ के अन्य गांवों में भी ऐसे महिला समूहों का गठन किया जाना चाहिए। शासन-प्रशासन द्वारा ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहयोग दिया जाए तो यह अभियान और अधिक प्रभावी हो सकता है।
समिति में ये महिलाएं हैं शामिल
अध्यक्ष: अनुभा दिनकर
सचिव: खेल कुमारी नवरत्न
कोषाध्यक्ष: ज्योति खरे
वरिष्ठ सदस्य: जानकी गुलेरी, रजनी कश्यप, जगमोतीन बर्मन, प्रियंका मनहर, ललित खांडेकर, सरिता दिनकर सहित अन्य महिलाएं।
महिला कमांडो समूह का संकल्प है कि गांव को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जाए।
