– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। अरपा नदी के तट पर धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और घाट तक पहुंचने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकंडा क्षेत्र में एक नए घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस घाट के तैयार होने के बाद छठ पूजा के साथ ही भोजली विसर्जन, गणेश प्रतिमा विसर्जन सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए भी लोगों को सुविधा मिल सकेगी।
अरपा नदी के तट पर हर वर्ष छठ पूजा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
नई स्मार्ट सड़क के निर्माण से बंद हो रहे रास्ते के बीच तैयार किया जा रहा वैकल्पिक घाट, श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
वर्तमान में शहर में चल रहे स्मार्ट सड़क निर्माण कार्य के कारण नदी तट तक पहुंचने वाले कुछ रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में नए घाट का निर्माण श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्ञात हो अरपापार क्षेत्र में तेजी से नदी किनारे की ओर नई स्मार्ट सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ नदी तट पर नया घाट विकसित किया जा रहा है, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों को सुगम आवागमन और सुरक्षित स्थान मिल सके। नगर विधायक अमर अग्रवाल द्वारा भी अरपा पार क्षेत्र के लोगों की मांग पर घाट निर्माण की आवश्यकता को लेकर पहल की गई थी।
दोनों ओर से होगी घाट तक पहुंच
निर्माणाधीन घाट को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि दोनों तरफ से श्रद्धालु वहां पहुंच सकें। सड़क से नदी तट तक जाने के लिए करीब 35 चौड़ी सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। नगर निगम के इंजीनियर विकास पात्रे के अनुसार घाट की लंबाई-चौड़ाई को सुविधाजनक रखते हुए इसे लगभग 10 मीटर चौड़ा और 12 मीटर गहरा बनाया जा रहा है। घाट तक पहुंचने के लिए करीब 400 एमएम की सीढ़ियां तैयार की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को नदी तट तक आने-जाने में आसानी होगी। यहां छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था भी की जाएगी।
धार्मिक आयोजनों को मिलेगा नया स्थान
नया घाट बनने से छठ पूजा के अलावा भोजली विसर्जन, गणेश प्रतिमा विसर्जन तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए नदी तट पर एक अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा। इससे मौजूदा घाटों पर होने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है।गौरतलब है कि कुछ समय पहले करीब 100 वर्ष पुराने ‘पर्व -घाट’ की पुनर्स्थापना का कार्य भी किया गया था। नए घाट के निर्माण से अरपा नदी के तट पर धार्मिक आयोजनों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
