– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। नगर निगम पर बिजली बिल का करीब 310 करोड़ रुपए का बकाया अब शहर की जरूरी सेवाओं पर असर डालने लगा है। बकाया बिल का भुगतान समय पर नहीं होने के कारण बिजली कंपनी ने निगम के विभिन्न कनेक्शनों पर ऑटो लॉक की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
पंप हाउस बंद होने से दो दिन तिफरा क्षेत्र में प्रभावित रही जलापूर्ति
गत दिवस तिफरा क्षेत्र के पांच पंप हाउस का बिजली कनेक्शन ऑटो लॉक किए जाने के बाद क्षेत्र में पानी की टंकियां भरने और घरों तक जलापूर्ति की व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके चलते लोगों को दो दिनों तक पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। सोमवार दोपहर निगम द्वारा संबंधित कनेक्शनों में बदलाव किए जाने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद बनी।
1500 कनेक्शनों पर कार्रवाई का खतरा
नगर निगम के करीब 1500 बिजली कनेक्शन बकाया राशि की जद में हैं। इनमें स्ट्रीट लाइट, पंप हाउस और निगम की अन्य सुविधाओं से जुड़े कनेक्शन शामिल हैं। बिजली बिल का भुगतान नहीं होने की स्थिति में सिस्टम के जरिए कनेक्शन ऑटो लॉक किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक-एक कर कनेक्शन लॉक किए जाने से कार्रवाई का असर केवल निगम कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। खासकर पंप हाउस के कनेक्शन बंद होने से पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
स्ट्रीट लाइट के बाद पंप हाउस भी कार्रवाई की जद में
बकाया बिजली बिल को लेकर पहले निगम की स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई सामने आई थी। अब पंप हाउस के कनेक्शन ऑटो लॉक होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। पंप हाउस बंद रहने की स्थिति में पानी की टंकियां नहीं भर पाएंगी और घरों तक नियमित जलापूर्ति बाधित हो सकती है।
निगम का बिल अटका तो जनता की सप्लाई अटकेगी
नगर निगम के बिजली बिल के भुगतान में देरी का असर अंततः आम नागरिकों पर पड़ने की आशंका है। बिजली कनेक्शन बंद होने से पंप हाउस प्रभावित होंगे और इसका सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ेगा। वहीं स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन प्रभावित होने पर शहर की सड़कों पर अंधेरा छाने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में करीब 310 करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल का मामला अब केवल निगम और बिजली कंपनी के बीच वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर शहर की मूलभूत सुविधाओं पर पड़ने लगा है। निगम के सामने बकाया राशि के भुगतान और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कनेक्शनों को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती है।
