बिलासपुर। शहर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच STF और जिला विशेष शाखा की संयुक्त टीम ने सरकंडा क्षेत्र से अतीक हुसैन नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार वह करीब 19 वर्षों से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत स्थित NTPC में निजी एजेंसी के माध्यम से लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले संदिग्ध लोगों से पूछताछ के दौरान अतीक को रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था, जहां से वह फरार हो गया था। इसके बाद STF और जिला विशेष शाखा की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। लगातार निगरानी और रेकी के बाद 24 सितंबर को सरकंडा की सूर्या विहार कॉलोनी स्थित किराए के मकान में दबिश देकर उसे पकड़ा गया।
पासपोर्ट से लेकर आधार-पैन तक दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज बरामद किए। पुलिस का दावा है कि इनमें से कई दस्तावेज गलत तरीके से तैयार कराए गए थे। इनकी वैधता और इन्हें बनवाने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
2005 में भारत आने का पुलिस का दावा
पूछताछ में पुलिस के अनुसार अतीक ने अपना मूल पता नारायणगंज, बांग्लादेश बताया और वर्ष 2005 में भारत आने की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक 2005 से 2007 के बीच वह तमिलनाडु में रहा, जिसके बाद बिलासपुर आकर रहने लगा। बाद में उसने सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम शुरू किया।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने अतीक को आगे की कार्रवाई के लिए रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। साथ ही बांग्लादेशी दूतावास/संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर उसकी नागरिकता और पहचान के सत्यापन के बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
