प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की अद्भुत भूमि छत्तीसगढ़ अपने घने जंगलों, जलप्रपातों, ऐतिहासिक स्थलों, प्राचीन मंदिरों, जनजातीय संस्कृति और समृद्ध लोककला के कारण पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है।
चित्रकोट का मनमोहक जलप्रपात, तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, रतनपुर की आस्था, अचानकमार का वन्य वैभव और बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति ,छत्तीसगढ़ की पहचान को देश और दुनिया के सामने विशिष्ट बनाते हैं।
पर्यटन केवल घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार, हस्तशिल्प, लोककला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आवश्यकता है कि हम अपने पर्यटन स्थलों का विकास करते हुए उनकी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखें।
आइए, इस विश्व पर्यटन दिवस पर संकल्प लें कि “हमर छत्तीसगढ़” की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और विरासत को देश-दुनिया तक पहुँचाएँ और प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
विश्व पर्यटन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
