जबलपुर, 29 सितंबर। देश के कई ताप विद्युत गृहों में इन दिनों कोयला स्टॉक के दबाव और आपूर्ति-लॉजिस्टिक्स की चुनौती के बीच मध्यप्रदेश के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट क्रमांक-11 ने लगातार 150 दिनों तक निर्बाध विद्युत उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों पर आधारित हालिया रिपोर्टों के अनुसार सितंबर में देश के बड़ी संख्या में ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला भंडार क्रिटिकल स्तर तक पहुंचा है और कई संयंत्रों के पास सीमित दिनों का ही स्टॉक उपलब्ध रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण दौर में सतपुड़ा की यूनिट-11 का लगातार संचालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूनिट-11 ने 2 मई 2026 से लगातार संचालन के दौरान 100.01 प्रतिशत प्लांट उपलब्धता कारक (Plant Availability Factor), 89.58 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) और 8.29 प्रतिशत सहायक विद्युत खपत (APC) दर्ज किए। यह प्रदर्शन यूनिट की ऑपरेशन दक्षता और मेंटेनेंस व्यवस्था की निरंतरता को दर्शाता है।
100 दिन के बाद अब 150 दिन लगातार संचालन-यूनिट-11 ने इसी वित्तीय वर्ष में 12 अगस्त को लगातार 100 दिनों तक निर्बाध संचालन का कीर्तिमान बनाया था। इसके बाद भी यूनिट का संचालन लगातार जारी रहा और अब उसने 150 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान यूनिट ने लगातार विद्युत उत्पादन करते हुए अपनी विश्वसनीयता और संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया।
पांच वर्षों से लगातार बेहतर प्रदर्शन-सतपुड़ा की यूनिट-11 पिछले पांच वर्षों से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 235 दिन, 2024-25 में 138 दिन और 2025-26 में 201 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन किया। लगातार तीन वित्तीय वर्षों में लंबे समय तक निर्बाध संचालन के बाद वर्तमान वित्तीय वर्ष में 150 दिन का आंकड़ा पार करना यूनिट के निरंतर प्रदर्शन की श्रृंखला को आगे बढ़ाता है।
समर्पण और पेशेवर कार्यशैली को मिली सराहना-यूनिट-11 के इस प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एस.के. लिल्होरे सहित पूरी टीम को प्रशंसा पत्र जारी कर बधाई दी। उन्होंने टीम के समर्पण, कठिन परिश्रम और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।
ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीम की अहम भूमिका-यूनिट के लगातार संचालन में ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने संयंत्र के दैनिक संचालन की सतत निगरानी के साथ समय पर गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण, सक्रिय कार्यप्रणाली और तकनीकी चुनौतियों के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया। बेहतर समन्वय और कार्य अनुशासन के चलते यूनिट के संचालन में स्थिरता और दक्षता बनाए रखने में सफलता मिली।
विद्युत उत्पादन के मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में यूनिट-11 का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कोयले की उपलब्धता, उसकी समय पर आपूर्ति और लगातार बढ़ती विद्युत मांग के बीच ताप विद्युत गृहों पर निर्बाध उत्पादन बनाए रखने का दबाव बढ़ा है। सितंबर में देश के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला स्टॉक में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
