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*देहदान मानवता के लिए सबसे बड़ा त्याग= स्वामी खिम्यादास जी*
*सतना। संत मोतीराम आश्रम के महंत स्वामी खिम्यादास जी के पावन सानिध्य में गत सोमवार को देहदानियों की स्मृति में आश्रम परिसर मे वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर पौधे रोपकर देहदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों के त्याग एवं सेवा भावना को नमन किया गया*
*आश्रम के सेवादारी अतुल दुबे ने बताया आश्रम के माध्यम से अभी तक 14 देह रीवा एवं सतना मेडिकल कॉलेज को सौंप गई है जबकि 159 लोगों ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया है*
❗*महंत स्वामी खिम्यादास जी ने कहा कि देहदान मानवता के लिए सबसे बड़ा त्याग है.और वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी.जिस प्रकार देहदान से किसी के जीवन में ज्ञान और चिकित्सा की नई राह बनती है, उसी प्रकार एक पौधा आने वाली पीढ़ियों को जीवनदायी हवा और हरियाली प्रदान करता है*
*कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष का रूप देंगे देहदानियों की स्मृति में लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में सेवा,त्याग और मानवता की प्रेरक निशानी बनकर लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे*
✍️*आश्रम के सेवादारी विनोद गेलानी ने कहा देहदानियों की याद में लगाया हर पौधा,मानवता और प्रकृति के नाम एक जीवंत श्रद्धांजलि है।*
*इस अवसर पर भाई प्रह्लाद जी डॉ सारिका कालरा डॉ: बद्रीविशाल सिंह श्री अतुल दुबे गोपीचंद कापड़ी बिमल मित्रा नमोनारायण खत्री विमल मित्र मनोहर मोरयानी ज्ञान हासवानी एवं कई सेवादारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे*
