
वृद्धाश्रम के 65 सदस्यों सहित विभिन्न संस्थानों में कराया गया भोजन, सेवा कार्य के माध्यम से दिया मानवता का संदेश
बिलासपुर। सेवा, करुणा और मानवता की भावना को साकार करते हुए साधु वासवानी सेंटर, बिलासपुर द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर भोजन सेवा का आयोजन किया गया। दादा जी के आशीर्वाद एवं दीदी जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस सेवा कार्य के माध्यम से बुजुर्गों, आश्रमवासियों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहीं महिलाओं के साथ प्रेम और अपनापन साझा किया गया।वृद्धाश्रम में 65 सदस्यों को कराया भोजनसेवा अभियान के प्रथम चरण में वृद्धाश्रम के 65 सदस्यों को भोजन परोसा गया। भोजन में दाल, चावल, बीन्स की सब्जी, दही बड़ा, चपाती, फ्रायम्स एवं गुलाब जामुन शामिल थे। सेवा से जुड़े सदस्यों ने आत्मीयता के साथ सभी को भोजन कराया।सुखाश्रम में भी पहुंचाई सेवाद्वितीय चरण में सुवाड़ी शांति धाम सुखाश्रम में भोजन सेवा की गई। यहां भी भोजन के साथ क्रीम रोल, खारी और बिस्कुट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य आश्रम में रहने वाले लोगों के साथ खुशियां बांटना और उनके बीच अपनत्व की भावना को मजबूत करना रहा।घरौंदा में महिलाओं को कराया भोजनसेवा अभियान के तीसरे चरण में घरौंदा पहुंचकर वहां निवासरत मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहीं महिलाओं को भोजन कराया गया। इस दौरान सेवा के माध्यम से उनके प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और मानवीय सहयोग की भावना व्यक्त की गई।सेवा ही सच्ची साधना का संदेशसाधु वासवानी सेंटर से जुड़े सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और कृतज्ञता को जीवन में उतारने का माध्यम भी है। तीनों स्थानों पर सेवा करने का अवसर मिलने पर सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए दादा जी के आशीर्वाद तथा दीदी जी के मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया।इस सेवा पहल ने यह संदेश दिया कि निःस्वार्थ भाव से किया गया छोटा-सा प्रयास भी किसी के जीवन में खुशी और अपनापन ला सकता है। मानवता की सेवा और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता ही समाज को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।जय साधु वासवानी!
