
गला काटकर मारने की धमकी देते हुए चाकू से 3-4 वार करने का आरोप, पुलिस ने अपराध दर्ज होने के चंद घंटों में की कार्रवाई
अनिल शुक्ला की रिपोर्ट
बिलासपुर/कोटा। पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। कोटा में पिकअप वाहन बनवाने वेल्डिंग दुकान पहुंचे एक व्यक्ति पर चाकू से जानलेवा हमला करने और डंडे से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने गला काटकर मार डालने की धमकी देते हुए चाकू से 3-4 बार वार किए। पीड़ित ने हाथ से बचाव कर हमले का सामना किया। मामले में कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
वेल्डिंग दुकान पर पहुंचकर किया हमला
पुलिस के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। शिकायतकर्ता अपना पिकअप वाहन बनवाने शिव वेल्डिंग दुकान पहुंचा था। इसी दौरान कोमल साहू, नितेश साहू और गिरिजा शंकर दुबे वहां पहुंचे। आरोप है कि नितेश साहू ने शिकायतकर्ता को पकड़ लिया, जिसके बाद कोमल साहू ने गला काटकर जान से मारने की धमकी देते हुए चाकू से 3-4 बार वार किए। वहीं, गिरिजा शंकर दुबे पर लकड़ी के डंडे से पीठ और भुजा पर हमला करने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के साथ करीब एक वर्ष से पुरानी बात को लेकर विवाद चल रहा था और आए दिन लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती थी। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
अपराध दर्ज होते ही पुलिस की कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने कोमल साहू (22), नितेश साहू (26), देवेंद्र साहू (21) और गिरिजा शंकर दुबे (32) को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक धारदार चाकू, एक लकड़ी का डंडा और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 BQ 7102 जब्त की गई। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 3(5), 61 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुरानी रंजिश से हिंसक घटनाएं, कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुरानी रंजिश के चलते होने वाले विवादों के हिंसक रूप लेने की आशंका को सामने ला दिया है। मामूली विवाद से शुरू होने वाली दुश्मनी जब चाकू और डंडे तक पहुंच जाए, तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाती है। हालांकि, इस मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घटना की गंभीरता स्पष्ट होती है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, प्रभारी उप निरीक्षक दिलीप साहू, सहायक उप निरीक्षक शिव साहू तथा आरक्षक धर्मेंद्र साहू, सोम कुमार उइके, जलेश्वर साहू और मोहन सिंह ध्रुव की विशेष भूमिका रही।
