रीवा / 19 जून प्रातः 9:00 बजे श्री झूलेलाल धाम,सिंधु भवन (एस एफ चौक) में ब्रह्मलीन महंत धर्मदास जी की सातवीं पुण्यतिथि पर भजन कीर्तन सत्संग का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अखिल भारतीय सिन्धु संत समाज ट्रस्ट के राष्ट्रीय महामंत्री श्रद्धेय स्वामी हंसदास उदासी जी ने अपने पावन श्रीमुख से उपस्थित जन समुदाय को उद्बोधन देते हुए कहा कि अनियंत्रित मन को रामनाम की माला द्वारा नियंत्रित कर प्रारब्ध के कष्टों का निवारण और जीवन में परम् आनंद का मार्ग प्राप्त होता है। क्योकि आराम तो राम में ही है। उन्होंने कहा ” आराम की तलब है तो प्यारे एक काम कर। आराम की शरण मे और राम राम कर।।”

स्वामी जी ने आगे कहा महंत धर्मदास जी पूर्ण परमार्थी साधु स्वभाव के व्यक्ति थे। आज उनकी पुण्यतिथि दिवस पर हम सब उस दिव्य आत्मा का स्मरण कर रहे है।
कार्यक्रम में सन्त समाज से स्वामी सरूपदास, स्वामी कृपालदास, श्रीमती कोमल शर्मा सहित सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष सरदार प्रह्लाद सिंह, चंदीराम केसवानी, लद्धाराम ठारवानी, शंकर साहनी, गिरधारीलाल गंगवानी, राजकुमार टीलवानी, अशोक रोहड़ा, वीरेंद्र चुंगवानी, दिलीप जियानी, सतपाल चुगवानी, पप्पू मन्जानी, भजनलाल सचदेव, गोपालपुरी, महेश आहूजा, हरचाराम हिरवानी, सुरेश पंजवानी
“पप्पन” मुकेश हिरवानी, कन्हैया लाल मंगलानी, हरीश वाधवानी, शेखर सचदेव, दिलीप असनानी, कन्हैया घनशाणी, महेश हिरवानी, गुलाब साहनी, जयराम गंगवानी, भगवानदास लालवानी, पमन मन्शानि, गोपाल नागपाल, किशोर ठारवानी, विनोद पुरसवानी, सुमित रामचंदानी, लोकचंद मोटवानी, मोनू रामचंदानी, गोपाल मन्जानि, आवाज 24 ब्यूरो प्रमुख विजय थवानी रघुवंशम संपादक राजकिशोर कुशवाहा प्रतिनिधि दीपक दुर्गिया मां शक्ति पंचांग लेखराज मोटवानी प्रमोद मिश्रा गुड्डू मारुति एक्सप्रेस विंध्य लोकवाणी आशीष वर्मा, संदीप जड़िया एवं अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित हुए। स्वामी जी ने प्रार्थना से कार्यक्रम का समापन करते हुए सभी से महाप्रसाद भंडारे प्रसाद का लाभ लेने के लिए निवेदन किया। वर्सी महोत्सव की बधाई प्रेषित कर सबका धन्यवाद आभार व्यक्त किया।
