बालाघाट :- गुरु पूर्णिमा का पर्व झूलेलाल मंदिर बालाघाट में श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया
श्री गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी की झूलेलाल साहिब जी के भक्त और ठकुर बाबा नंदलाल साहिब जी के कृपा पात्र श्री महेश पमनानी जी द्वारा ,जोड़ा गया आज कुछ नए परिवारों को श्री झूलेलाल जी के नाम से शब्द से
प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्री झूलेलाल जी के स्वरूप का स्नान सिंगार कर पूजन सेवा करके मनाया गया
इस अवसर पर संत श्री महेश लाल साहब जी द्वारा नाम की दीक्षा दी गई और कराया गया संकल्प सदा रहना है सनांतन धर्म और संस्कृति में जब तक है स्वास में स्वास लेना है अपने आराध्य देव झूलेलाल जी का नाम,
उन्होंने गुरु पर्व
का महत्व समझाया गुरु दो शब्दों से बना है गु का मतलब होता है अंधकार और रु का मतलब होता है प्रकाश, अर्थात गुरु आपको अंधकार से निकाल कर प्रकाश की ओर ले जाते हैं उजाले की ओर ले जा रहे हैं
वह ज्ञान का प्रकाश भक्ति मार्ग का उजाला सत्य कर्म और सनांतन धर्म की और का रास्ता
आपको दिखाते हैं, बाकी रिश्ते आपको जन्म के साथ मिल जाते हैं पर गुरु का रिश्ता है जो आपके जन्म के बाद आप खुद बनाते हैं शिष्य बनकर,
सच्चा गुरु वही है जो अपने शिष्य को कभी भी भटकने नहीं देता है हमेशा सच के मार्ग में ही उसे ले जाता है और इस भवसागर को पार करा कर प्रभु के चरणों में पहुंचाते है और सच्चा शिष्य भी वही है जो गुरु के बताए हुए रहा पर चलकर प्रभु के चरणों में पहुंचता है अपने माता-पिता के साथ साथ अपने गुरु का भी नाम को आगे बढ़ता है कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया आए हुए सभी भक्तजनों के लिए प्रभु का प्रसाद आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में श्री झूलेलाल सेवा समिति बालाघाट के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा