मेलू राम ने पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर ने मात्र पितृ दिवस अखंड ज्योति के बारे में बताते हुए अपने गुरु वेद मूर्ति तपनीश श्रीराम शर्मा आचार्य के भावनाओं को बताया वह दीप यज्ञ करके मां काली छतौना मंदिर के प्रांगण में जानकारी दी की
फाल्गुन कृष्ण पंचमी
श्रीविद्या मठ, वाराणसी
काशी के श्रीविद्यामठ में पण्डित श्री रामचन्द्र देव जी सहित अनेक आचार्यों के आचार्यत्व में ‘जगद्गुरुकुलम’ के छात्रों का उपनयन संस्कार सम्पन्न हुआ है । ये आगे चलकर योग्य पण्डित बनकर समाज को सनातन धर्म के शाश्वत मार्ग पर ले कर चलेंगे । वेदाध्ययन के पूर्व उपनयन आवश्यक है और यही हमारी परम्परा है ।
आपको बता दें ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगदागुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज पूरे देश में भारतीय संस्कृति को आगे बढाने के लिए अभूतपूर्व सेवाकार्य करते हुए अनेकों कार्य कर रहे हैं । पूज्य शंकराचार्य जी महाराज पूरे देश में इस समय ‘जगद्गुरुकुलम्’ की १० से अधिक शाखा चला रहे है , उनकी इच्छा है कि हर जिले मे कम से कम एक निःशुल्क गुरुकुल हो ताकि हिन्दू सनातन धर्म की शिक्षा सभी को सहज प्राप्त हो सके । करतल ध्वनि से संस्था के मुख्य रूप से सहयोग करने वाले जन कल्याण पुनर्वास केंद्र, मीडिया हाउस आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़, अमर स्तंभ राष्ट्रीय दैनिकअखबार के साथ सामाजिक संस्थाओं द्वारा बैठक सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य रूप से आन लाइन आफ लाइन के द्वारा संस्थापक संरक्षक पदाधिकारी जिसमें1008 श्री हिमानंद सरस्वती जी राष्ट्रीय संरक्षक व्यास मुरली जी, कलश राजपुत, वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चंद्र सागर phd law, मुख्य अतिथि विश्व हिंदू सेवा दल अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेवा विश्व मानव प्रमाण ट्रस्ट रामराज जनकल्याण मंच विश्व महालक्ष्मी लीगल एंड सोशल ग्रुप ट्रस्ट, के साथ तमाम सामाजिक संस्थाओं ने इस कार्य की बेहद शरण करके समाज को एक नई दिशा का रूप देने में शंकराचार्य का विशेष योगदान बताया।
आज जगद्गुरुकुलम की काशी शाखा के छात्रों का उपनयन संस्कार गंगा तट श्रीशंकराचार्य घाट पर सम्पन्न हुआ ।
सभी उपनीत छात्रों को पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने शुभाशीर्वाद प्रदान किया । अंतिम मंदिर में शांति पाठ करके विशेष बात यह है कि जहां धर्म के ऊपर कड़ी परीक्षा रोज कुछ ना कुछ षडयंत्र के रूप में हो रहे हैं वही उल्टी बात यह है कि धर्म के लिए जागरूक बाल बातों ने यह कार्यक्रम आयोजित करके समाज को यह दिखा दिया कि समाज अब किसी भी बहकावे में नहीं आएगा।
विश्व हिंदू महासभा के संरक्षक धर्म सम्राट जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज जी के द्वारा असम राज्य के 7 वर्षीय छात्र अथर्व कश्यप सहित 49 छात्रों ने सनातन धर्म का मार्ग अपनाया
मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानन्द जी ने सभी उपनीत बटुकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी। प्रबन्धक श्री कृष्ण कुमार द्विवेदी एवं उप प्राचार्य श्री आर्यन सुमन पांडेय जी ने कार्यक्रम का सफल संयोजन किया।