जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर की 46 वीं,काव्य गोष्ठी खचाखच भरे हाल में बड़े ही आनंदपूर्व, काव्यरसास्वादन के साथ सम्पन्न हुई ၊ सर्वप्रथम संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने अपनी वाणी से सभी अतिथियों, साहित्य मनीषियों का स्वागत,वंदन, अभिनंदन किया ၊ सरस्वती वंदना इंद्राना से पधारे कवि प्रकाश सिंह ठाकुर ने की ၊ कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे, अध्यक्षता महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे, विशिष्ट अतिथि श्रीमती नीलम खरे, सुवीर श्रीवास्तव, विजय नेमा अनुज, सारस्वत अतिथि राजेश पाठक प्रवीण,मंगलभाव कवि संगम त्रिपाठी,संतोष नेमा संतोष की गरिमामय उपस्थिति रही ၊ दिवाकर शर्मा,स्वामी दुर्गाप्रसाद श्रीवास्तव,डॉ. पी. आर. एस. चौधरी,अमरनाथ सोनी, अरुण शुक्ल, देवेन्द्र अग्रवाल, महेश स्थापक,के.के. तिवारी, रमाकांत गौतम,दिलीप नीखरा, अर्चना श्रीवास्तव, चंदा श्रीवास्तव,मंजू इंगले, सुनीता जैन, शेखर शर्मा ने स्वागत, वंदन, अभिनंदन में सहभागिता की ၊ कवि दीनदयाल तिवारी बेताल, भेड़ाघाट से आये कुंजीलाल चक्रवर्ती निर्झर, जी.एल. जैन, मनोज शुक्ल मनोज,जयप्रकाश श्रीवास्तव, विवेक कुमार गुप्ता,लखन लाल रजक,डॉ. आशा श्रीवास्तव, डॉ. एम.एल.शर्मा नयन, सिद्धेश्वरी सराफ शीलू, विजय सिंहा कमर इलाहावादी, डॉ. एस.एल. साहू,डॉ. मुकुल तिवारी, श्रीमती निर्मला तिवारी,डॉ. ममता तिवारी, श्रीमती तरुणा खरे तनु, अनुकम्पा नायक,प्रीति नामदेव भूमिजा, ढीमरखेड़ा से बालमुकुंद लखेरा,डॉ. भावना दीक्षित, राजेन्द्र मिश्रा, श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव, ज्योति मिश्रा, ज्योति प्यासी, अमरसिंह वर्मा, विवेक शैलार, संध्या द्विवेदी, सभी ने एक से बढ़कर प्रस्तुतियाँ दी ၊ मंचस्थ अतिथियों ने भी फागुन की सतरंगी छटा विखेर दी ၊ संचालन गणेश श्रीवास्तव प्यासा व आभार प्रदर्शन गुलजारी लाल जैन ने किया ၊